सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को 'नागपंचमी' का पावन त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने और उन्हें पारंपरिक मीठे व्यंजनों का भोग लगाने की परंपरा है. नागपंचमी के खास अवसर पर सूतफेनी का भोग लगाना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. महीन लच्छों वाली यह पारंपरिक मिठाई स्वाद में जितनी लाजवाब होती है, इसे बनाना उतना ही आसान है. अगर आप भी नागपंचमी की पूजा के लिए झटपट और स्वादिष्ट प्रसाद बनाना चाहते हैं, तो केसर और ड्राई फ्रूट्स से भरपूर यह मीठी सूतफेनी सबसे बेहतरीन विकल्प है. आइए जानते हैं इसे मिनटों में तैयार करने की सबसे आसान विधि.
सूतफेनी दिखने में फेनी जैसी ही बहुत महीन सेवाई होती है, जिसे घी में तला जाता है. इसे भोग के लिए दो तरीकों से तैयार किया जा सकता है—दूध वाली सूतफेनी या चाशनी वाली सूतफेनी. यहाँ सबसे लोकप्रिय और झटपट बनने वाली केसरिया दूध वाली सूतफेनी की रेसिपी दी गई है.
आवश्यक सामग्री:
सूतफेनी/फेनी: 100 ग्राम (रेडीमेड या रोस्टेड)
फुल क्रीम दूध: 1 लीटर
चीनी/मिश्री: 1/2 कप (स्वादानुसार)
केसर के धागे: 8-10 (2 चम्मच गर्म दूध में भीगे हुए)
हरी इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
देसी घी: 1 बड़ा चम्मच
कटे हुए मेवे: 2 बड़े चम्मच (काजू, बादाम, पिस्ता और चिरौंजी)
बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि:
दूध उबालें: एक भारी तले के बर्तन में 1 लीटर फुल क्रीम दूध निकालें और उसे मध्यम आंच पर उबलने के लिए रख दें. जब दूध में उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और इसे 5-7 मिनट तक पकने दें ताकि यह थोड़ा गाढ़ा हो जाए.
केसर और इलायची मिलाएं: अब पकते हुए दूध में भीगा हुआ केसर वाला दूध, चीनी और हरी इलायची पाउडर डालें. चीनी घुलने तक इसे चम्मच से चलाते रहें.
ड्राई फ्रूट्स रोस्ट करें: एक छोटे पैन में 1 चम्मच देसी घी गर्म करें. इसमें कटे हुए काजू, बादाम, पिस्ता और चिरौंजी डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें. भुने हुए मेवों को उबलते हुए दूध में मिला दें.
सूतफेनी मिलाएं: अब गैस की आंच बंद कर दें. तैयार गर्म केसरिया दूध में सूतफेनी के लच्छे डालें. (ध्यान रखें कि सूतफेनी बहुत पतली होती है, इसलिए इसे दूध में डालकर पकाने की जरूरत नहीं होती, यह गर्म दूध में डालते ही तुरंत सॉफ्ट हो जाती है).
ढककर रखें: बर्तन को 2-3 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें ताकि सूतफेनी दूध और केसर के स्वाद को अच्छी तरह सोख ले.
आपकी मीठी, लच्छेदार और स्वादिष्ट सूतफेनी बनकर तैयार है. इसे नाग देवता के पूजन में भोग के रूप में अर्पित करें और परिवार में प्रसाद के रूप में बांटें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क