नाग पंचमी (Nag Panchami) हिंदुओं का एक त्योहार है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण के चंद्र महीने के शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) के पांचवें दिन यह पूजा की जाती है. देश कुछ राज्यों में जैसे कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात, नाग पंचमी को उसी महीने के कृष्ण पक्ष पर मनाते हैं (Nag Pamchami in India).
नाग पंचमी के दिन चांदी, पत्थर, लकड़ी, या सांपों की पेंटिंग से बने नाग या नाग देवता को दूध से स्नान कराया जाता है. परिवार के कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद मांगा जाता है. कई स्थानों पर इस दिन जीवित सांपों, विशेष रूप से कोबरा की भी पूजा की जाती है (Nag Panchami, Worship of Cobra Snake).
पंचमी चंद्रमा के ढलने के पंद्रह दिनों में से पांचवां दिन है. नाग पूजा का यह विशेष दिन हमेशा चंद्र हिंदू महीने श्रावण जुलाई या अगस्त में चंद्रमा के घटने के पांचवें दिन पड़ता है. इसलिए इसे नाग पंचमी कहा जाता है (Month of Shravan).
यह नेपाल (Nepal) में भी धूमधाम से मनाया जाता है.
ओडिशा के गंजाम जिले के चिकिटी गढ़ स्थित रतनेई मंदिर में करीब 12 फीट लंबा किंग कोबरा मिलने से हड़कंप मच गया. पूजा के लिए पहुंचे पुजारी ने सांप को देखते ही वन विभाग को सूचना दी. स्नेक हेल्पलाइन टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया. टीम ने जूतों के ऊपर बोरे पहनकर रेस्क्यू किया.
नागपंचमी पर अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा ने सपेरे से विषधर सांपों को मुक्त कराकर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा. उनका निडर अंदाज कैमरे में कैद हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. मां अपर्णा ने बेटी के जीव-प्रेम और साहस की तारीफ की. अपर्णा ने ये भी कहा कि उनकी बेटी ने अपने पिता प्रतीक यादव के पशु-प्रेम और सिद्धांतों को आगे बढ़ाया है.
शाहरुख खान के मुंबई स्थित मन्नत बंगले में सांप देखा गया. रेस्क्यू टीम ने एक 8 फुट लंबा इंडियन रेट स्नेक सुरक्षित पकड़ा, जो जहरीला नहीं था.
काशी को यूं ही अद्भुत नगरी नहीं कहा जाता है. जो भी यहां आता है, बस यहीं का होकर रह जाता है. स्पेनिश खेल 'मेसफ्लो' के खिलाड़ी सेंटियागो और नीदरलैंड से आए उनके साथी हर्बर्ट के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. हर साल की तरह इस बार भी ये नाग पंचमी पर काशी पहुंचे और अखाड़ों में गदा और डंबल फेरकर अपना दम दिखाया.
सोशल मीडिया मंच X पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. करीब 44 सेकंड के इस वीडियो में एक युवक बिना किसी बड़े उपकरण के प्लास्टिक के जार की मदद से एक खतरनाक कोबरा को पकड़ता दिखाई दे रहा है.वीडियो में लिखा गया है कि प्लास्टिक के जार से कोबरा पकड़ना. वीडियो सामने आने के बाद लोग युवक के तरीके को देखकर हैरान हैं.
सांप को दूध पिलाने की तस्वीरें आपने कई बार देखी होंगी, लेकिन क्या वाकई सांप दूध पीता है? इसके पीछे छिपा सच काफी अलग है. जानिए सांप की डाइट, पाचन तंत्र और दूध से जुड़े इस पुराने मिथक की पूरी कहानी.
Nagchandreshwar Mandir: उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के बीच हरसिद्धि मंदिर के पास अचानक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई. बैरिकेडिंग वाले हिस्से में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दबाव बढ़ गया, जिससे कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई.
Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व नाग देवताओं की उपासना का विशेष दिन माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर शेषनाग, वासुकि और कर्कोटक जैसे महानागों का जन्म कैसे हुआ? आइए जानते हैं नागों से जुड़े रहस्य के बारे में.
ज्योतिष में सर्प राहु के साथ भी और नक्षत्रों के साथ भी हैं. 27 नक्षत्रों में अश्लेषा नक्षत्र के देवता भी सर्प ही हैं. अश्लेषा का स्वामी सर्प ही माना गया है.
सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के मौके पर आज देशभर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. यूपी के अयोध्या में भी भक्तों ने नाग पंचमी के अवसर पर नागेश्वर नाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की.
नाग पंचमी के दिन जिस तरह भगवान शिव की पूजा की जाती है, उसी तरह नाग देवता की प्रतिमा का भी पूजन किया जा सकता है. सबसे पहले नाग देवता की प्रतिमा को जल अर्पित करें. इसके बाद दूध से अभिषेक, तिलक, अक्षत और पुष्प अर्पित करें.
17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक साथ पड़ रहे हैं. इसी दिन कन्या राशि में शुक्र और चंद्रमा की युति बनने की ज्योतिषीय मान्यता है. इस दुर्लभ संयोग का असर वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों के लिए शुभ बताया जा रहा है. इन राशियों को शिक्षा, नौकरी, कारोबार, निवेश, प्रेम और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. कई रुके काम भी पूरे हो सकते हैं.
नाग पंचमी का पर्व इस साल 17 अगस्त को सावन के तीसरे सोमवार के साथ मनाया जाएगा. पंचमी तिथि 16 अगस्त शाम 4:51 बजे शुरू होकर 17 अगस्त शाम 5 बजे समाप्त होगी. नाग देवता की पूजा का शुभ समय सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक बताया गया है. मान्यता के अनुसार इस दिन पूजा से नाग दोष, राहु-केतु की परेशानियों और सर्प भय से राहत मिल सकती है.
Nag Panchami 2026: आज सावन सोमवार और 3 दुर्लभ शुभ संयोगों का महामिलन! जानें पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त, सरल विधि और जीवन की परेशानियों को दूर करने के अचूक उपाय.
कल नाग पंचमी है और इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है. हम सभी बचपन से नाग पंचमी मनाते आ रहे हैं कि लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नाग और सांप में क्या अंतर होता है. वास्तव में सभी नाग सांप होते हैं लेकिन हर सांप नाग नहीं होता है.
17 अगस्त को सावन सोमवार के साथ शुभ योग, रवि योग, नाग पंचमी, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी, मलयालम नववर्ष, कर्क राशि में त्रिग्रही योग, हंसराज योग और बुधादित्य योग जैसे संयोग बताए गए हैं. इन योगों और पर्वों के एक साथ पड़ने से इस दिन का धार्मिक महत्व बढ़ जाता है.
Nag Panchami Special: कल देश भर में नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है. इस दिन घर में कई तरह के मीठे पकवानों का नाग देवताओं को भोग भी लगाया जाता है. इस दिन कई जगहों पर खीर और सूतफेनी का भोग लगता है. यहां हम आपको सूतफेनी की पारंपरिक और आसान रेसिपी बता रहे हैं.
17 अगस्त का सावन का सोमवार है और इस दिन नाग पंचमी भी है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन कन्या राशि में शुक्र-चंद्रमा की युति भी बनने जा रही है. यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि की शुरुआत 16 अगस्त की शाम 4:51 बजे होगी और इसका समापन 17 अगस्त की शाम 5 बजे होगा. ऐसे में नाग पंचमी की पूजा के लिए सबसे शुभ समय 17 अगस्त को सुबह 5:51 बजे से सुबह 8:29 बजे तक बताया गया है.
पौराणिक कथा के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया था, तब नागराज वासुकी को मंदराचल पर्वत पर रस्सी के रूप में प्रयोग किया गया. ऐसी मान्यता है कि लंबे समय तक मंथन होने से नागराज वासुकी घायल और बुरी तरह लहूलुहान हो गए थे. तब भगवान विष्णु ने उन्हें प्रयागराज आकर विश्राम करने का आदेश दिया था.
Nag Panchami 2026: सावन सोमवार के पावन संयोग में कल यानी 17 अगस्त को है नाग पंचमी. जानें नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कालसर्प दोष मुक्ति के अचूक उपाय.