Atta Suji Panjiri: श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बाल गोपाल के जन्मोत्सव की पूजा में पंजीरी का प्रसाद सबसे जरूरी माना जाता है. अमूमन लोग केवल धनिये की पंजीरी या सिर्फ गेहूं के आटे की पंजीरी बनाते हैं लेकिन अगर आप इसमें थोड़ा सा सूजी का ट्विस्ट दें तो इसका स्वाद और टेक्सचर कई गुना बढ़ जाता है. खासतौर पर बाजार में मिलने वाली पंजीरी में सूजी जरूर मिली होती है जिसकी वजह से वो ज्यादा क्रिस्पी और टेस्टी लगती है.
इसलिए यहां हम आपको गेहूं के आटे और सूजी के कॉम्बिनेशन से बनी पंजीरी की रेसिपी बता रहे हैं जो खाने में एकदम दानेदार, सोंधी और बेहद स्वादिष्ट लगती है. इसमें देसी घी में भुने हुए मखाने, काजू, बादाम और गोंद जैसे पौष्टिक ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं, जिससे यह भगवान कान्हा के भोग के लिए एक उत्तम और शुद्ध प्रसाद बन जाता है. आइए जानते हैं इसे घर पर आसानी से तैयार करने की रेसिपी.
सामग्री
गेहूं का आटा: 1 कप
सूजी (रवा): 1/2 कप
देसी घी: 1/2 कप
बूरा या पिसी हुई चीनी/मिश्री: 1 कप
मखाने: 1 कप (मोटे कटे हुए)
काजू और बादाम: 2-2 बड़े चम्मच (कटे हुए)
किशमिश: 2 बड़े चम्मच
कद्दूकस किया नारियल (सूखा गोला): 1/2 कप
गोंद : 1 बड़ा चम्मच
इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
तुलसी के पत्ते: प्रसाद में मिलाने के लिए
बनाने की सही और आसान विधि
मेवे और गोंद तलें: एक भारी तले की कढ़ाई में 2-3 बड़े चम्मच देसी घी गरम करें. सबसे पहले इसमें गोंद डालकर धीमी आंच पर फूलने तक तलें और निकाल लें. इसके बाद काजू, बादाम, मखाने और नारियल को भी हल्का सुनहरा होने तक अलग-अलग भूनकर निकाल लें. ठंडा होने पर मखाने और गोंद को दरदरा कूट लें.
सूजी भूनें: अब कढ़ाई में 2 चम्मच घी और डालें. सबसे पहले सूजी को धीमी आंच पर 3-4 मिनट के लिए हल्का सा भून लें.
आटा डालकर सेकें: जब सूजी से हल्की खुशबू आने लगे, तब इसमें गेहूं का आटा और बचा हुआ देसी घी मिलाएं. दोनों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि मिश्रण का रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से सोंधी खुशबू न आने लगे.
ठंडा करें: आटा और सूजी अच्छी तरह भुन जाने पर गैस बंद कर दें और मिश्रण को किसी बड़े बर्तन में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें.
मेवे और मिठास मिलाएं: जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसमें भुने और कूटे हुए ड्राई फ्रूट्स, मखाने, किशमिश, कद्दूकस नारियल और इलायची पाउडर डालकर मिलाएं. अंत में पिसी हुई चीनी या बूरा डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें. (गरम मिश्रण में चीनी न मिलाएं, वरना चीनी पिघलकर पंजीरी को चिपचिपा बना सकती है).
ऊपर से ताजा तुलसी दल रखें. आपकी स्वादिष्ट, दानेदार और पौष्टिक ड्राई फ्रूट आटा-सूजी पंजीरी बाल गोपाल के भोग के लिए तैयार है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क