Mirzapur Famous Street Foods: सिनेमाघरों से लेकर सोशल मीडिया तक इन दिनों 'मिर्जापुर' छाया हुआ है. पंकज त्रिपाठी, अली फजल, रवि किशन और दिव्येंदु शर्मा की फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है, जिसकी वजह से 'मिर्जापुर' का नाम फिर से ट्रेंड में है. फिल्म में दिखाए गए मिर्जापुर को आप गुंडागर्दी और मार-धाड़ के लिए जानते हैं, लेकिन इस शहर की पहचान सिर्फ सीरीज तक सीमित नहीं है. असल में मिर्जापुर में कई घूमने-फिरने वाली जगह हैं, जिनमें विंध्याचल धाम, गंगा किनारा और खूबसूरत झरने शामिल हैं.
इनके साथ ही मिर्जापुर की गलियों और बाजारों में मिलने वाला देसी स्ट्रीट फूड भी लोगों को खूब अट्रैक्ट करता है. खास बात ये है कि इन चीजों में आपको ऐसा स्वाद मिलेगा, जो बड़े-बड़े रेस्टोरेंट के मेन्यू में आसानी से नहीं मिलता. आज हम आपको मिर्जापुर के 5 ऐसे स्ट्रीट फूड्स बताने वाले हैं, जो आपको वाह-वाह कहने पर मजपूर कर देंगे.
1. हींग वाले छोले का अलग ही स्वाद: छोले तो आपने कई जगह खाए होंगे, लेकिन मिर्जापुर के हींग वाले छोले का स्वाद थोड़ा अलग है. यहां छोले में हींग का इस्तेमाल स्वाद और खुशबू को खास बनाने के लिए किया जाता है. गरमा-गरम छोले का मसालेदार स्वाद और हींग की खुशबू इसे साधारण छोले से अलग बना देती है. अगर आप देसी और मसालेदार खाना पसंद करते हैं, तो मिर्जापुर के हींग वाले छोले ट्राई किए जा सकते हैं.
2. गोलगप्पे नहीं, यहां फुल्की बोलिए: गोलगप्पा, पानीपुरी या पुचका... इसके नाम भले ही शहर बदलने के साथ बदल जाते हों, लेकिन स्वाद का क्रेज हर जगह एक जैसा है. मिर्जापुर में इसे आमतौर पर फुल्की कहा जाता है. कुरकुरे बताशे में सफेद मटर की फिलिंग और उसके ऊपर खट्टा-मीठा या तीखा पानी डालकर इसे परोसा जाता है. शाम के समय फुल्की के ठेलों पर जुटने वाली भीड़ इस बात का अंदाजा दे देती है कि स्थानीय लोगों को इसका स्वाद कितना पसंद है.
3. मिर्जापुर की चाट भी करिए ट्राई: शाम की भूख मिटाने के लिए चाट से बेहतर क्या हो सकता है? मिर्जापुर में भी चाट के शौकीनों के लिए कई ऑप्शन मिल जाते हैं. आलू, पापड़ी, दही, इमली की चटनी और मसालों से तैयार चाट में खट्टा, मीठा और तीखा स्वाद एक साथ मिलता है. अगर आपको चटपटा खाने का शौक है, तो मिर्जापुर की चाट आपकी फूड लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.
4. कुरकुरे समोसे का स्वाद भी लें: चाय के साथ समोसा तो पूरे देश में पसंद किया जाता है, लेकिन किसी शहर की स्थानीय दुकान पर गरमा-गरम समोसा खाने का मजा ही अलग होता है. मिर्जापुर में मिलने वाले समोसे में आमतौर पर आलू-मटर की मसालेदार फिलिंग होती है और ये इतना कुरकुरा होता है कि बेहद स्वादिष्ट लगता है.इसे खट्टी-मीठी चटनी या सॉस के साथ खाया जा सकता है.
5. कचौड़ी-जलेबी: मिर्जापुर के स्ट्रीट फूड की बात हो और कचौड़ी का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है? मसालेदार और कुरकुरी कचौड़ी यहां के देसी नाश्ते का हिस्सा है. इसे दाल या चने की ग्रेवी और चटनी के साथ खाया जाता है. अगर मीठा पसंद है तो कचौड़ी के साथ जलेबी जरूर खाइए. गरमा-गरम कचौड़ी के मसालेदार स्वाद के बाद मीठी जलेबी इस कॉम्बिनेशन को और खास बना देती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क