दीमक ने खोखली कर दी घर की अलमारियां? लकड़ी छोड़ें, इन 4 मटेरियल से बनवाएं कैबिनेट्स; लंबे समय तक रहेंगी मजबूत

लाखों खर्च करने के बाद भी क्या आपके घर के लकड़ी के फर्नीचर को दीमक खोखला कर रही है? अगर हां, तो आपको नई अलमारी बनवाने से पहले कुछ ऐसे मेटीरियल्स के बारे में जान लेना चाहिए, जिन्हें दीमक और सीलन खराब नहीं कर पाती हैं. ये आपके घर की कैबिनेट्स और अलमारियों को सालों-साल सुरक्षित रखते हैं.

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PVC से लेकर एल्युमिनियम तक की अलमारियों में दीमक नहीं लगती है. (Photo: ITG) PVC से लेकर एल्युमिनियम तक की अलमारियों में दीमक नहीं लगती है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:14 AM IST

लकड़ी का फर्नीचर, अलमारियां या फिर कोई भी शोपीस घर की खूबसूरती बढ़ाने का काम करता है. ऐसे लोग अक्सर अपने घर में लकड़ी का काम करवाते हैं. घर में नई अलमारियां, किचन कैबिनेट या टीवी यूनिट बनवाते समय लोग अक्सर डिजाइन, रंग और कीमत पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं. लेकिन एक ऐसी चीज भी होती है, जो आपकी किसी भी चॉइस और खर्च किए गए पैसे को बर्बाद कर देती है. ये चीज और कुछ नहीं, बल्कि दीमक होती है. दीमक धीरे-धीरे पूरी अलमारी को खोखला कर सकती है.

खासकर बारिश और नमी वाले मौसम में दीमक का खतरा और बढ़ जाता है. कई बार जब तक इसका पता चलता है, तब तक लकड़ी अंदर से काफी खराब हो चुकी होती है. ऐसे में सिर्फ अलमारी पर 'एंटी-टर्माइट' कोटिंग करवाना ही काफी नहीं होता है. कैबिनेट बनाने के लिए सही मटेरियल चुनना ज्यादा जरूरी है. अगर आप चाहते हैं कि रसोई की कैबिनेट्स, वार्डरोब, जूता रखने की अलमारी या टीवी यूनिट सालों तक मजबूत रहे और खराब ना हो, तो ऐसे मटेरियल को चुनना चाहिए जिनमें दीमक लगने और नमी का खतरा कम हो. आइए जानते हैं ऐसे 4 मटेरियल के बारे में, जिनमें दीमक लगने का चांस नहीं होता है. 

1. एल्युमिनियम कैबिनेट: अगर आप चाहते हैं कि घर की अलमारी में कभी भी दीमक ना लगे, तो एल्युमिनियम आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इसमें लकड़ी जैसा सेलुलोज नहीं होता, जो दीमक का भोजन होता है. इसके साथ ही ये लकड़ी की तरह नमी भी नहीं सोखता है.

यही कारण है कि रसोई जैसी जगहों के लिए एल्युमिनियम कैबिनेट काफी फायदेमंद हो सकती हैं. रसोई में भाप और पानी 24 घंटे इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से अक्सर लकड़ी की कैबिनेट्स खराब होती है.

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एल्युमिनियम कैबिनेट बनवाने से दीमक का खतरा कम होता है, ये नमी के कारण जल्दी खराब नहीं होता, इन्हें साफ करना आसान है और ये हल्की होने के साथ ही टिकाऊ भी होती हैं. इसके साथ ही इन्हें मॉडर्न डिजाइन में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है हालांकि, एल्युमिनियम कैबिनेट की मजबूती सिर्फ मटेरियल पर नहीं, बल्कि उसकी क्वालिटी, फ्रेम और फिटिंग पर भी निर्भर करती है.

2. पीवीसी फोम बोर्ड: अगर आपको लकड़ी जैसी दिखने वाली अलमारी पसंद है, लेकिन दीमक से भी बचना चाहते हैं, तो पीवीसी फोम बोर्ड एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. ये लकड़ी की तुलना में नमी से कम खराब होता और इसमें भी नहीं लगती है. इसे अलग-अलग कलर्स और फिनिश में इस्तेमाल किया जा सकता है.

इसके ऊपर अगर हाई-प्रेशर लैमिनेट लगाया जाए, तो कैबिनेट को एक एक्स्ट्रा सुरक्षा मिल सकती है. साथ ही आपको लकड़ी जैसी फिनिश भी मिल जाती है. ये मटेरियल खासतौर पर किचन कैबिनेट, वार्डरोब, टीवी यूनिट और जूता रखने की अलमारी के लिए इन जगहों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है.

3. ट्रीटेड हार्डवुड: अगर आपको असली लकड़ी का लुक और एहसास पसंद है, तो ट्रीटेड हार्डवुड से अलमारियां बनवाने के बारे में सोच सकते हैं. कुछ लकड़ियों में नेचुरल रूप से ऐसे तेल और गुण पाए जाते हैं, जो कीड़ों को दूर रखने में मदद करते हैं.

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इनमें सागौन (Teak), महोगनी और सीडर जैसी लकड़ियों का नाम शामिल है. ये आमतौर पर ज्यादा टिकाऊ मानी जाती हैं. लेकिन सिर्फ लकड़ी का टाइप देखकर ही ये मान लेना सही नहीं है कि उसमें दीमक कभी नहीं लगेगी. लकड़ी की क्वालिटी, नमी, प्रोसेसिंग और ट्रीटमेंट काफी मायने रखते हैं. इसलिए अगर हार्डवुड इस्तेमाल कर रहे हैं, तो प्रोफेशनल एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट और सही सीलिंग पर भी ध्यान देना जरूरी है.

4. कंपोजिट मटेरियल: आजकल कैबिनेट बनाने के लिए कई तरह के कंपोजिट मटेरियल भी इस्तेमाल किए जाते हैं. इनमें अलग-अलग इंजीनियर्ड मटेरियल को मिलाकर ऐसा बोर्ड तैयार किया जाता है, जो लकड़ी के मुकाबले नमी और दीमक से सुरक्षित रहता है. इनमें आपको लकड़ी जैसी ग्रेन और अलग-अलग फिनिश भी मिल सकती हैं. इसलिए अगर आप चाहते हैं कि अलमारी दिखने में स्टाइलिश हो और साथ ही नमी वाले माहौल में ज्यादा टिके, तो कंपोजिट बोर्ड एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. 

इसे लगाने से नमी का असर कम होता, फूलने का खतरा, साफ करना आसान होता है, कई तरह के कलर्स और फिनिश मौजूद हैं और मॉडर्न इंटीरियर के साथ आसानी से मैच हो जाता है. 

सिर्फ 'एंटी-टर्माइट' लिखे होने से मटेरियल दीमक से सुरक्षित नहीं हो जाता
अलमारी खरीदते या बनवाते समय सिर्फ ये सुनकर फैसला नहीं लें कि मटेरियल 'एंटी-टर्माइट' है. किस मटेरियल से बोर्ड बना है, उसकी क्वालिटी क्या है, किनारों की सीलिंग कैसी है और इंस्टॉलेशन सही तरीके से हुआ है या नहीं इन सभी चीजों का भी बहुत असर पड़ता है.

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खासकर लकड़ी या प्लाईवुड इस्तेमाल करते समय सही ट्रीटमेंट जरूरी है. सिर्फ ऊपर से कोटिंग कर देने से भी सभी कंडीशंस में पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती है.

रसोई ही नहीं, इन जगहों पर भी काम आएंगे ये मटेरियल
दीमक का खतरा सिर्फ रसोई के कैबिनेट्स तक ही सीमित नहीं है. घर में जहां भी लकड़ी या लकड़ी के बोर्ड्स का इस्तेमाल होता है, वहां सावधानी जरूरी है.

वार्डरोब: कपड़ों के साथ रखी लकड़ी की अलमारी में नमी जमा होने पर समस्या बढ़ सकती है.
शू कैबिनेट: गीले जूतों से आने वाली नमी लकड़ी के लिए नुकसानदायक हो सकती है.
टीवी यूनिट: दीवार से सटी यूनिट में सीलन या नमी होने पर लकड़ी पर बुरा असर डाल सकती है.
स्टडी टेबल और स्टोरेज यूनिट: लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहने पर इनमें भी दीमक और फंगस का खतरा बढ़ सकता है.

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