मैंगलोर में चुनाव अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है. प्रख्यात साक्षरता कार्यकर्ता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हरेकला हजब्बा को जारी किया गया SIR नोटिस अधिकारियों ने वापस ले लिया है.
दरअसल 2002 की पुरानी मतदाता सूची में हरेकला हजब्बा का नाम सिर्फ 'हजब्बा' दर्ज था. वहीं, इसके बाद बने ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स और पहचान पत्रों में उनका नाम
'हरेकला हजब्बा' दर्ज है. नाम मिलान की प्रक्रिया के दौरान इस अंतर के सामने आने पर चुनाव अधिकारियों ने उन्हें नोटिस थमा दिया था.
अधिकारियों ने वेरिफिकेशन के नाम पर हजब्बा को नोटिस भेजते हुए 11 सितंबर को अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत दफ्तर में पेश होने का निर्देश दिया था. समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले पद्मश्री विजेता को इस तरह का नोटिस मिलने पर सवाल खड़े होने लगे थे.
घर पहुंचे अधिकारी, दस्तावेज लेकर मांगी माफी
जैसे ही अधिकारियों को अपनी इस गलती का अहसास हुआ, उन्होंने हजब्बा से माफी मांगी. अधिकारियों ने उल्लाल तालुक स्थित हरेकला गांव जाकर हजब्बा के घर का दौरा किया. वहां उन्होंने खुद प्रासंगिक दस्तावेज जमा किए और इस भूल के लिए हरेकला हजब्बा से हाथ जोड़कर माफी मांगी. इसके साथ ही चुनाव अधिकारियों ने जारी किए गए SIR नोटिस को वापस ले लिया है.
यह भी पढ़ें: दिल्ली SIR में वोटरों का भारी उत्साह, दो दिन में 5.34 लाख दावे-आपत्तियां दर्ज
बता दें कि हरेकला हजब्बा को उनके गांव हरेकला में शिक्षा के प्रसार और गरीबों के लिए स्कूल खोलने जैसे योगदान के लिए देश के प्रतिष्ठित 'पद्मश्री' सम्मान से नवाजा जा चुका है. तत्तकालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद ने उन्हें पुरस्कार से नवाजा था.
सगाय राज