प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की है. यह कार्रवाई बेंगलुरु, बेलगावी और महाराष्ट्र में 15 से ज्यादा जगहों पर एक साथ चलाई गई. जांच का मुख्य कारण 18 शराब लाइसेंस यानी बार लाइसेंस देने में हुई गड़बड़ी बताई जा रही है. इसी मामले में जारकीहोली के साले मंजूनाथ से जुड़े ठिकाने भी छापे की जद में आए हैं.
ED को शक है कि सतीश जारकीहोली ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर इन 18 शराब लाइसेंस को दिलवाने में मदद की. इतना ही नहीं, एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे खेल से मिले पैसों को गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजा गया. जांच एजेंसी को पहले ही करीब 3 करोड़ रुपये के अवैध विदेशी फंड का पता चला था, जिसके बाद इस मामले की परतें और गहराई से खुलने लगीं.
मंजूनाथ का नाम इस मामले में नया नहीं है. इससे पहले भी ED शराब से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में उनके ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है. यानी यह जांच काफी समय से चल रही है और अब एक बार फिर तेज हो गई है. ताजा कार्रवाई में सिर्फ बेंगलुरु में ही पांच अलग-अलग जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जबकि बाकी ठिकाने बेलगावी और महाराष्ट्र में फैले हुए हैं.
यह मामला सीधे तौर पर शराब लाइसेंस देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है. अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सत्ता में बैठे लोगों द्वारा नियमों को दरकिनार कर फायदा पहुंचाने का बड़ा उदाहरण बन सकता है. फिलहाल ED की टीमें दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी हैं, ताकि यह साफ हो सके कि पैसों का असली रास्ता क्या था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे.
सगाय राज