कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: 19 नए मंत्रियों ने ली शपथ, इकलौती महिला दावेदार अंतिम लिस्ट से बाहर

कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार ने सोमवार को मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया. 19 कांग्रेस विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जबकि मंजूर सूची में शामिल इकलौती महिला नेता गायत्री शांतेगौड़ा ने शपथ नहीं ली. कैबिनेट विस्तार से पहले पार्टी के भीतर नाराजगी भी सामने आई थी.

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बसवराज रायरेड्डी, बी नागेंद्र, एसएस मल्लिकार्जुन, एन चालुवरायस्वामी ने कर्नाटक कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. (Photo: ANI) बसवराज रायरेड्डी, बी नागेंद्र, एसएस मल्लिकार्जुन, एन चालुवरायस्वामी ने कर्नाटक कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. (Photo: ANI)

नागार्जुन

  • बेंगलुरु ,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:51 PM IST

कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया. इस दौरान कांग्रेस के 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. हालांकि, जिन 20 नामों को पार्टी ने मंजूरी दी थी, उनमें शामिल इकलौती महिला नेता गायत्री शांतेगौड़ा ने शपथ नहीं ली. कैबिनेट विस्तार से पहले मंत्री पद नहीं मिलने पर एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया, जबकि कई नेताओं की नाराजगी भी सामने आई थी.

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बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के करीब दो महीने बाद यह पहला कैबिनेट विस्तार है.

सोमवार को जिन 19 विधायकों को मंत्री बनाया गया, उनमें  एन. चेलुवरायस्वामी, बसवराज रायरेड्डी, लक्ष्मण सावदी, मधु बंगारप्पा, एसएस मल्लिकार्जुन, बी नागेंद्र, एचसी बालकृष्ण, केएस बसवन्तप्पा, डॉ. अजय सिंह, पीएम नरेंद्रस्वामी, सी. पुत्तरंगा शेट्टी, टीआर रघुमूर्ति, रिजवान अरशद, शिवराज तंगडागी, रुद्रप्पा लमानी, बीजेड जमीर अहमद खान, संतोष लाड, केएम शिवलिंगे गौड़ा और विजयानंद कशप्पनवर शामिल हैं.

गायत्री शांतेगौड़ा क्यों नहीं ले सकीं शपथ?

कांग्रेस आलाकमान ने 20 मंत्रियों के नामों को मंजूरी दी थी. इसमें गायत्री शांतेगौड़ा का नाम भी शामिल था. लेकिन, सोमवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने शपथ नहीं ली. गायत्री हाल ही में चिकमगलूर स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से कर्नाटक विधान परिषद के लिए चुनी गई हैं. यह सीट सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिसंबर 2021 में चुने गए बीजेपी नेता एमके प्राणेश का चुनाव रद्द किए जाने के बाद खाली हुई थी. हालांकि, गायत्री ने अभी तक कर्नाटक विधान परिषद की सदस्य के रूप में आधिकारिक शपथ नहीं ली है. यही वजह है कि वह इस बार मंत्री पद की शपथ नहीं ले सकीं.

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19 नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद भी कर्नाटक कैबिनेट में एक पद खाली है. नियम के मुताबिक, मुख्यमंत्री समेत राज्य में कुल 34 मंत्री हो सकते हैं.

मंत्री बनने के बाद क्या बोले पीएम नरेंद्रस्वामी?

शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्रस्वामी ने कहा कि 'मंत्री बनकर खुशी हो रही है और पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी मेहनत की जाएगी. 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दोबारा सत्ता में वापस लाना ही पहला लक्ष्य है. इसके साथ ही 2029 में राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना हम सबका सपना है'.

कैबिनेट विस्तार से पहले नाराज थे कई विधायक

कैबिनेट विस्तार से पहले कई कांग्रेस विधायकों की नाराजगी की खबरें सामने आई थीं. इस पर सीएम डीके शिवकुमार ने सभी से सब्र रखने की बात कही थी. उनका कहना था कि हर विधायक को एक साथ मंत्री बनाना मुमकिन नहीं है, लेकिन आने वाले समय में बाकी नेताओं को भी मौका मिलेगा. मंत्री पद न मिलने से खफा इंदी सीट के विधायक यशवंतरायगौड़ा वी पाटिल ने इस्तीफा दे दिया. उनके समर्थकों ने विधानसभा के बाहर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान, उनके समर्थकों ने विधान सौध के बाहर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया.

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दूसरी तरफ कांग्रेस आलाकमान ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए जीएस पाटिल, उपाध्यक्ष के लिए ए.एस. पोन्नन्ना, विधान परिषद सभापति के लिए सलीम अहमद और उप-सभापति के लिए उमाश्री के नाम पर मुहर लगा दी है. मंत्रिमंडल में जगह न पाने वाले बड़े चेहरों में एचसी महादेवप्पा, एचके पाटिल, दिनेश गुंडू राव, के वेंकटेश, एमसी सुधाकर और लक्ष्मी हेब्बालकर शामिल हैं. इन वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने से पार्टी के भीतर नाराजगी साफ महसूस की जा रही है.

कैबिनेट विस्तार के बाद भी कांग्रेस के सामने नेताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है. कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिलने से पार्टी के अंदर नाराजगी की चर्चा तेज है. हालांकि, नेतृत्व ने साफ किया है कि आने वाले समय में अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी दी जाएगी. अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने के साथ संगठन को एकजुट रखना है.

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