सोशल मीडिया पर संसद में बंदर भगाने वाले एक शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें दिख रहा है कि एक शख्स लंगूर की आवाज निकालकर संसद भवन से बंदरों को भगा रहा है. आजतक ने भी इस शख्स से बात की है, जिसमें उन्होंने बताया कि वो कई साल से ये काम कर रहे हैं. इसके बाद असलम खान की सोशल पर काफी चर्चा हो रही है. आपको ये वीडियो देखकर भले ही इनका काम अजीब लग रहा हो, लेकिन दिल्ली में काफी सालों से ये काम काफी आम है.
ऐसे में जानते हैं कि आखिर किन लोगों को ये काम मिलता है, इसके लिए कितनी सैलरी मिलती है, इस जॉब में क्या-क्या करना होता है... तो जानते हैं बंदर भगाने वाले लोगों के इस खास प्रोफेशन के बारे में...
क्या होता है काम?
जहां इन लोगों को पोस्टिंग की जाती है, वहां ये लोग घूम-घूमकर लंगूर की आवाज निकालते हैं और बंदर भगाने का काम करते हैं. एक तरीके मानव लंगूर का काम करते हैं. बता दें कि पहले इस काम के लिए लंगूरों को तैनात किया जाता था, लेकिन अब इंसान ही ये काम करते हैं. संसद भवन में असलम समेत चार लोग ये काम करते हैं. ये आवाज से बंदरों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें भगाने का
काम करता हैं.
जिन असलम की कहानी सोशल पर वायरल है, वो कई सालों से ये काम कर रहे हैं. उन्हें 15-20 साल का अनुभव है और वो पहले तीस हजारी कोर्ट में ये काम करते थे. बता दें कि दिल्ली में कई सरकारी भवनों में ऐसे लोगों की नियुक्ति की जाती है और वे लंगूर की आवाज से बंदरों को भगाने का काम करते हैं.
कैसे मिलती है ये नौकरी?
सरकारी भवनों में इस काम के लिए सरकार की ओर से कोई वैकेंसी नहीं निकाली जाती है. इसके लिए सरकार एक टेंडर निकालती है और टेंडर लेने वाली कंपनी अपने लोगों को वहां नियुक्त करती है, जिनका काम बंदर भगाने का होता है.
कितनी होती है सैलरी?
वैसे तो सार्वजनिक तौर पर इनकी सैलरी की जानकारी मौजूद नहीं है, लेकिन टेंडर वैल्यू के आधार पर इन्हें पैसा दिया जाता है. हाल ही में दिल्ली विधानसभा में इन लोगों के लिए टेंडर निकाला गया था, जिसकी वैल्यू 17.5 लाख रुपये थी. यानी सालभर के इतने बजट में कुछ लोगों की नियुक्ति की जानी थी. इसमें सोमवार से शुक्रवार तक 5 लोगों को ड्यूटी होगी और शनिवार को 2 लोग काम करेंगे. यानी करीब 6 लोगों को दिल्ली विधानसभा में लगाया जाना था.
इस काम में करीब 8 घंटे काम करना होता है और सैलरी करीब 20 हजार रुपये तक मिलती है. ये अंदाजा टेंडर वैल्यू के आधार पर लगाया गया है. इसी तरह के टेंडर दिल्ली के अन्य सरकारी भवनों में भी निकाले जाते हैं और कंपनी उसके हिसाब से उम्मीदवारों को तैनात करती है.
क्या होती हैं शर्तें?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर कोई अच्छे से लंगूर की आवाज नहीं निकाल पाता है तो उसे हटाया जा सकता है और कोई बंदर भगाने में सफल नहीं हो पा रहा है तो उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है. इसके अलावा अगर कोई बिना कारण से गायब रहता है तो 1000 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जा सकता है.
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