दुबई में रहना काफी लोगों का सपना होता है. ऊंची-ऊंची बिल्डिंग्स , लग्जरी गाड़ियां और शानदार लाइफस्टाइल की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिलती हैं. लेकिन दुबई की जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी चीज भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग बात करते हैं. यहां घर की सफाई करने वाली मेड या हेल्पर को रखने में कितना खर्च आता है? अगर आप भारतीय रुपये में इसका हिसाब लगाएंगे तो अमाउंट जानकर आपको हैरानी हो सकती है.
दुबई में घर की सफाई करने वाली मेड की कमाई और उन्हें रखने का खर्च कई चीजों पर निर्भर करता है. मेड को सिर्फ कुछ घंटे के लिए बुलाया जा रहा है या वह महीने भर काम करेगी. इसके अलावा घर का साइज, अनुभव देखकर सैलरी अलग-अलग हो सकती है. अगर किसी परिवार को रोजाना मेड की जरूरत नहीं है और सिर्फ कुछ घंटे के लिए घर की सफाई करवानी है, तो दुबई में एजेंसी के जरिए मिलने वाली घरेलू सफाई सेवा का खर्च आम तौर पर करीब 30 से 55 AED प्रति घंटा मिलता है. अगर 1 AED को करीब 23 भारतीय रुपये मानें, तो अमाउंट लगभग 700 रुपए से 1,250 रुपये प्रति घंटा बैठती है.
यानी अगर किसी घर में 4 घंटे सफाई का काम कराया गया तो सिर्फ एक दिन की सर्विस के लिए करीब 2,800 रुपये से ₹5,000 तक खर्च हो सकता है. हालांकि मेड की सैलरी एजेंसी घर के आकार और काम के प्रकार के हिसाब से कम-ज्यादा हो सकती है. कई एजेंसियां न्यूनतम 2 से 4 घंटे की बुकिंग भी रखती हैं. वहीं, 1 BHK जैसे छोटे घर की एक बार की सामान्य सफाई के लिए करीब 150 से 250 AED यानी लगभग 3,500 रुपये से 5,700 रुपये तक का खर्च आ सकता है.
महीने में 8 से 12 बार मेड बुलाने पर कितना खर्च?
अब अगर आपको रोजाना मेड की जरूरत नहीं है, लेकिन सप्ताह में दो या तीन बार घर की सफाई करवानी है, तो मासिक पैकेज लेना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है. ऐसे पार्ट-टाइम पैकेज की कीमत करीब 900 से 1,750 AED प्रति महीना बताई जाती है. भारतीय रुपये में देखें तो यह लगभग 20,700 रुपये से 40,000 रुपये महीने के आसपास बैठता है. मतलब महीने में सिर्फ 8 से 12 बार घर की सफाई करवाने के लिए भी एक परिवार को हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि यह कोई एक तय सरकारी रेट नहीं है. अलग-अलग कंपनियां और सर्विस प्रोवाइडर अपने पैकेज और कीमत के हिसाब से पैसे लेते हैं.
फुल टाइम मेड रखें तो कितनी सैलरी?
अगर कोई परिवार फुल टाइम मेड रखना चाहता है तो खर्च और बढ़ जाता है. दुबई में फुल टाइम घरेलू कामगार की सैलरी उसके अनुभव, काम और जिम्मेदारियों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह रकम करीब 1,500 से 3,500 AED प्रति महीना तक हो सकती है. भारतीय रुपये में यह करीब 34,500 रुपये से 80,000 रुपये प्रति महीना बनती है. यानी अगर कोई व्यक्ति दुबई में फुल टाइम मेड रखता है तो सिर्फ सैलरी के रूप में ही हर महीने हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं.
यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि फुल टाइम या लिव-इन घरेलू कामगार रखने पर सिर्फ उनकी सैलरी ही खर्च नहीं होती. नियोक्ता को लागू नियमों के मुताबिक वीजा स्पॉन्सरशिप, मेडिकल इंश्योरेंस, रहने की व्यवस्था और अन्य संबंधित खर्च भी उठाने पड़ सकते हैं. सालाना खर्च काफी बढ़ सकता है. यानी कागज पर अगर मेड की सैलरी 1,500 से 3,500 AED लिखी है तो वास्तविक सालाना खर्च इससे काफी ज्यादा हो सकता है.
दुबई में मेड की नौकरी इतनी महंगी क्यों पड़ती है?
इसकी एक वजह यह भी है कि दुबई में मेड और हेल्पर की सेवाएं अक्सर एजेंसियों या लाइसेंस प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर के जरिए ली जाती हैं. एजेंसी के जरिए मेड लेने पर कंपनी अपनी सर्विस फीस भी जोड़ सकती है. इसके अलावा काम के घंटे, सफाई का स्तर, घर का साइज, डीप क्लीनिंग, कपड़े धोना, खाना बनाना या बच्चों की देखभाल जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण सालरी बदल सकती है. यही वजह है कि किसी एक आंकड़े को दुबई में मेड की फिक्स सैलरी मानना सही नहीं होगा.
भारत और दुबई के खर्च में बड़ा अंतर
भारत में भी शहर और काम के हिसाब से घरेलू सहायिका की सैलरी अलग-अलग होती है, लेकिन दुबई में रहने और काम करने की लागत काफी ज्यादा होने के कारण घरेलू सेवाओं के रेट भी काफी अधिक हो सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति दुबई में घर की सफाई के लिए मेड रखने की सोच रहा है तो उसे पहले यह तय करना चाहिए कि उसे रोजाना फुल टाइम मदद चाहिए या सप्ताह में कुछ घंटे की सर्विस. अगर जरूरत सिर्फ सफाई की है तो घंटे के हिसाब से ज्यादा किफायती हो सकती है. वहीं, बच्चों की देखभाल, खाना बनाने, कपड़े धोने और घर के दूसरे कामों के लिए नियमित मदद चाहिए तो फुल टाइम मेड का विकल्प देखा जा सकता है.
सीधे शब्दों में समझें तो दुबई में घर की सफाई के लिए मेड रखने का खर्च करीब 700-1,250 रुपये प्रति घंटे से शुरू होकर फुल टाइम मेड के मामले में 34,500 से 80,000 रुपये या उससे ज्यादा प्रति महीने तक पहुंच सकता है. लेकिन फाइनल सैलरी तय करने से पहले एजेंसी की फीस, काम के घंटे, छुट्टियां, अतिरिक्त काम और लागू सरकारी नियमों को जरूर समझना चाहिए.
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