पुराना कीपैड वाला मोबाइल, पुराने सीपीयू, खराब रैम... इन सभी को आपने कबाड़ समझकर किसी को दे दिया होगा या फिर फेंक दिया होगा. लेकिन, क्या आप जानते हैं कुछ लोग इन खराब आइटमों से ही मोटा पैसा कमाते हैं और उनकी कमाई में सबसे अहम है इनसे निकलने वाला सोना. दरअसल, ई-वेस्ट से काफी सोना-चांदी निकाला जाता है और फिर बेचा जाता है. तो आज आपको बताते हैं कि आखिर किन-किन सामानों में गोल्ड होता है, जिन्हें एक समय बाद कबाड़ में फेंक दिया जाता है....
किन-किन सामान से निकलता है सोना?
सबसे ज्यादा मोबाइल फोन और कंप्यूटर से सोना निकाला जाता है. फोन से पीसीबी, कनेक्टर्स, आईसी आदि से सोना निकाला जाता है जबकि कंप्यूटर के डेस्कटॉप के मदरबोर्ड, कनेक्टर्स से सोना निकलता है. इसके अलावा सीपीयू, रैम, मैमोरी मोड्यूल्स, लैपटॉप के पीसीबी, डेटा सेंटर, सर्वर, राउटर, मोडेम, सर्किट बोर्ड, ग्राफिक कार्ड्स, प्रिंटर आदि से सोना निकाला जाता है. इनके कनेक्टर्स से सोना निकाला जाता है.
इन 10 चीजों का मतलब यह नहीं कि हर एक से व्यावहारिक रूप से अच्छी मात्रा में सोना निकलेगा. गोल्ड कंटेंट डिवाइस की उम्र, मॉडल, कंपोनेंट और पीसीबी ग्रेड के हिसाब से बहुत बदलता है. इलेक्ट्रॉनिक सामान के अंदर मौजूद कुछ सर्किट बोर्ड, कनेक्टर और कॉन्टैक्ट्स पर सोने की बेहद पतली परत का इस्तेमाल किया जाता है.
मोबाइल से कितना सोना?
यूएस एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी के अनुसार, 10 लाख पुराने मोबाइल फोन रिसाइकल करने पर करीब 75 पाउंड यानी करीब 34 किलो सोना निकाला जा सकता है. इसके अलावा साथ ही में बड़ी संख्या में कॉपर, सिल्वर, पैलेडियम भी रिकवर होते हैं. इनमें सबसे ज्यादा कॉपर और फिर चांदी निकलती है. वैसे फोन में सोना मौजूद जरूर है, लेकिन वह बहुत पतली परत/बहुत छोटी मात्रा में होता है. एक टन खराब फोन में 340 ग्राम सोना निकल पाता है. बता दें कि फोन, कंप्यूटर के मदरबोर्ड में भी सोना होता है. सबसे ज्यादा सोना सीपीयू, बोर्ड, कनेक्टर आदि से निकलता है.
लेकिन, ऐसा नहीं है कि फोन से आप घर पर ही सोना निकाल सकते हैं. इसके लिए खास तरह की मशीनों की आवश्यकता होती है. इससे सोना, चांदी और पैलेडियम और कॉपर को अलग किया जा सकता है.
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