उत्तराखंड में आसमानी आफत, चाराधाम यात्रा रुकी... स्कूल बंद, चार जिलों भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से प्रमुख नदियां उफान पर हैं, सड़कें बंद हो गई हैं और चार धाम यात्रा रोक दी गई है. कई नदियों के चेतावनी के स्तर तक पहुंचने या उसे पार करने के कारण, अधिकारियों ने अलर्ट और एहतियाती उपाय बढ़ा दिए हैं.

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उत्तराखंड के चार जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. (फोटो-PTI) उत्तराखंड के चार जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. (फोटो-PTI)

अंकित शर्मा

  • देहरादून,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:18 PM IST

उत्तराखंड में इस समय मॉनसून का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है. पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस आसमानी आफत का सीधा असर जनजीवन पर पड़ा है. प्रशासन को चारधाम यात्रा रोकने के साथ-साथ कई जिलों में स्कूल भी बंद करने पड़े हैं.

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मौसम विभाग ने आज उत्तराखंड के चार प्रमुख जिलों बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट* जारी किया है. यहां कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, बहुत ही कम समय में अत्यंत तेज बारिश होने की पूरी संभवना है. इसके साथ ही, छह और जिलों उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी और ऊधम सिंह नगर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. 
वर्तमान स्थिति की बात करें तो रुद्रप्रयाग में सुबह से ही लगातार तेज बारिश हो रही है, जबकि बाकी के पहाड़ी इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं. कई जगहों पर रुक-रुक कर बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है.

देहरादून में भारी बारिश से मकान का हिस्सा ढह गया.

 

चारधाम यात्रा पर लगी रोक, सोनप्रयाग में रोके गए यात्री

लगातार हो रही बारिश और रास्तों में जगह-जगह पहाड़ टूटने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. जिला प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है. इस समय केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को सोनप्रयाग में ही सुरक्षित रोक दिया गया है. जब तक मौसम ठीक नहीं होता और रास्ते साफ नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी आगे जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

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इसी बीच, गुप्तकाशी में केदारनाथ हाईवे पर अचानक एक पहाड़ी का हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा. इस लैंडस्लाइड की वजह से भारी मलबा नीचे बनी दो दुकानों में घुस गया. हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है लेकिन दुकानों और वहां खड़ी कुछ बाइकों और स्कूटरों को भारी नुकसान पहुंचा है.

यह भी पढ़ें: आफत बना मॉनसून... पूर्वोत्तर में बाढ़ से बिगड़े हालात, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी

बागेश्वर में नाला बनी सड़कें, घरों में घुसा पानी

मैदानी इलाकों के साथ-साथ बागेश्वर जिले में भी लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा रखी है. मंडलसेरा इलाके में सड़कें पूरी तरह से नाले में तब्दील हो चुकी हैं. भारी जलभराव के कारण पानी लोगों के घरों और यूपीसीएल कॉलोनी के अंदर तक घुस गया है. जिले की कनेक्टिविटी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. करीब 16 ग्रामीण सड़कें मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो चुकी हैं.

बिगड़ते हालात और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए रुद्रप्रयाग और बागेश्वर के जिलाधिकारियों ने आज 1 से 12 तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है. साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज छुट्टी घोषित कर दी गई है.

उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा बारिश रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग में 136.5 मिमी रिकॉर्ड की गई. चमोली जिले के पोखरी में 68.5 मिमी, गोचर में 58.0 मिमी, रुद्रप्रयाग के जखोली में 58.5 मिमी, ऊखीमठ में 29.0 मिमी, पिथौरागढ़ के डीडीहाट में 47.5 मिमी, बागेश्वर के लीती में 45.0 मिमी बारिश दर्ज हुई.

राजधानी देहरादून के सोंग क्षेत्र में 39.0 मिमी और देहरादून शहर में 19.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है. इतना ही नहीं, पिछले 3 घंटों के अंदर भी बारिश की रफ्तार थमी नहीं है

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मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है. कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ती रहेंगी. राज्य आपदा प्रबंधन (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें अलर्ट पर हैं. प्रशासन ने स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे इस मौसम में पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचें और नदी-नालों के किनारे बिल्कुल न जाएं.
 

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