चमोली में 24 घंटे बाद भी पीपलकोटी THDC टनल में रेस्क्यू पूरा नहीं हो पाया है. बता दें कि अब तक 12 घायलों और 7 मृतकों को टनल से रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा चुका है. वहीं, अभी भी 3 लोग टनल में लापता हैं. तीनों को ढूंढने का काम देर रात एक बजे से किया जा रहा है, लेकिन टनल में लगातार बढ़ते जलस्तर और जहां टनल में लूज आ गया था, वहां भारी मलबा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
बता दें कि 12 घायलों और 7 मृतकों को टनल से रेस्क्यू करने में लगभग 6 घंटे का समय लगा. वहीं, 19 घंटे बाद भी टनल से पानी को बाहर नहीं किया जा सका है. ऐसे में अभी भी टनल में 3 लोगों को खोजने के लिए लगातार पंप लगाए जा रहे हैं. पानी को जैसे-तैसे बाहर निकालने का काम किया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और टनल के अंदर आता पानी कहीं न कहीं मुश्किलें खड़ी कर रहा है. वहीं, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी इस दौरान मुख्यमंत्री के दौरे के बाद देर शाम पीपलकोटी के THDC टनल का निरीक्षण करने पहुंचे.
बता दें कि टनल के अंदर लगातार मशीनें और रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं कि किस प्रकार पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके. इसके लिए यहां पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. चाहे भारतीय सेना हो, ITBP हो, NDRF हो या SDRF, तमाम फोर्स यहां राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं. 24 घंटे बाद भी लगातार पानी को टनल से बाहर निकालने का काम किया जा रहा है. वहीं, भारतीय सेना की मदद से अब अलग पंपिंग मशीनों के माध्यम से भी पानी निकालने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, देखना होगा कि कब तक यहां से पानी निकाला जाता है और अंदर फंसे तीन लोगों का सफल रेस्क्यू किया जाता है, क्योंकि लगातार मौसम की चुनौती और आसमान से बरसती बारिश कहीं न कहीं परेशानी खड़ी कर रही है.
घायलों का इलाज चल रहा है
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी देर शाम लगातार हो रही बारिश के बीच आज सड़क मार्ग से पहले पीपलकोटी THDC की उस टनल में पहुंचे, जहां अभी भी तीन लोग लापता हैं. वहां उन्होंने जिलाधिकारी और THDC के अधिकारियों से बात की. किस तरह रेस्क्यू जल्द से जल्द हो सकता है, इस पर उनका ध्यान रहा. वहीं, यहां निरीक्षण के बाद बलूनी जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे, जहां टनल से निकले घायलों का इलाज चल रहा है. उन्होंने उनका हालचाल जाना.
वहीं, अब रेस्क्यू का समापन तब होगा, जब रेस्क्यू टीम तीनों लोगों तक पहुंच पाएगी. तब पता चलेगा कि तीनों लोग टनल के अंदर किस हालत में हैं. रेस्क्यू टीमों की पहली प्राथमिकता तीनों लोगों तक पहुंचने की है, ताकि वे अंदर किस हालत में हैं, इसका पता चल सके.
कमल नयन सिलोड़ी