उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान भड़काऊ और उकसाऊ भाषण देने के मामले में पुलिस ने एक मौलाना को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक 26 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का एसएसपी अजय गणपति ने संज्ञान लिया था. वीडियो में त्रिशूल चौक के पास जुलूस के दौरान मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद द्वारा भाषण देने की बात सामने आई थी, मौलाना ने अपने भाषण में कहा था की "मदरसे बंद किए तो फिर देखना आप ये मुसलमान क्या हाल करेंगे".
गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया मौलाना
मामले में कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 29 अगस्त को मुफ्ती मुजीब अहमद को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है. आपको बता दें कि ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर मे 26 अगस्त को बारावफात पर्व के उपरांत सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ.
वीडियो में रुद्रपुर के त्रिशूल चौक के पास बारावफात जुलूस के दौरान खुले वाहन में बैठकर धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद द्वारा भड़काऊ एवं उकसाऊ भाषण दिए जाने की बात सामने आई. प्रसारित वीडियो एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रथम दृष्टया उक्त भाषण से विभिन्न धार्मिक समुदायों के मध्य वैमनस्यता एवं सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए कोतवाली रुद्रपुर में धारा 196(2) BNS के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया. फिर आरोपी मौलाना की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया.
एसएसपी गणपति ने क्या कहा?
अजय गणपति एसएसपी ऊधम सिंह नगर ने बताया कि पिछले एक-दो दिनों से सोशल मीडिया मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही थी. जिसमें एक व्यक्ति मुजीब अहमद द्वारा बारावफात के जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर अपने भाषण में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया. साथ ही कुछ भड़काऊ बयान भी दिए गए. पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा पंजीकृत किया गया था.
विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, भाषण के जो स्क्रिप्ट थी उसका अवलोकन किया गया. उस आधार पर 152 की धारा की बढ़ोतरी की गई और अभियुक्त मुजीब अहमद को गिरफ्तार किया गया है. विवेचना के दौरान वीडियो एडिटेड या AI से बने साक्ष्य नहीं पाए गए. एसएसपी ने जनता से अपील की है कि जनपद का माहौल शांतिपूर्ण बनाये रखे. अगर कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.
रमेश चंद्रा