जोशीमठ के बाद अब बद्रीनाथ हाईवे पर आईं दरारें, एक्सपर्ट की टीम ने किया दौरा

उत्तराखंड के शहर जोशीमठ का संकट बद्रीनाथ हाईवे तक पहुंच गया है. चमोली के डीएम हिमांशु खुराना ने बताया कि बद्रीनाथ हाईवे पर दरारें आ गई हैं. डीएम ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 और 25 जनवरी को भारी बारिश/बर्फबारी की भविष्यवाणी की है. इसे लेकर अफसरों को निर्देश दिए गए हैं.

Advertisement
जोशीमठ के बाद अब बद्रीनाथ हाईवे पर भी दरारें आ गई हैं (फाइल फोटो) जोशीमठ के बाद अब बद्रीनाथ हाईवे पर भी दरारें आ गई हैं (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • चमोली,
  • 23 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:00 AM IST

उत्तराखंड के शहर जोशीमठ का संकट बद्रीनाथ हाईवे तक पहुंच गया है. चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा कि बद्रीनाथ हाईवे पर दरारों की सूचना मिली है. इसे लेकर मौके पर एक्सपर्ट की टीम मौके पर भेजी गई थी. टीम ने जांच कर दरारों की सूचना दी है. इससे पहले सोमवार को आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने जोशीमठ में किए जा रहे राहत कार्यों के बारे में सूचना दी थी.

Advertisement

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक चमोली के डीएम हिमांशु खुराना ने कहा कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) की एक टीम को निरीक्षण के लिए मौके पर भेजा गया था. उन्होंने बताया कि टीम ने निरीक्षण करने पर बताया कि यहां दरारें देखी गई हैं. उन्होंने कहा कि इन दरारों के पीछे हाईवे के किनारे बसाहट हो सकती है.

डीएम ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 और 25 जनवरी को भारी बारिश/बर्फबारी की भविष्यवाणी की है. इसे देखते हुए नोडल अधिकारियों को राहत शिविरों में कंबल, हीटर और जनरेटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.

वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) और सीमा सड़क संगठन (BRO) को अलर्ट पर रहने और बर्फबारी के कारण उत्पन्न अवरोधों को दूर करने के लिए कहा गया है.

दरअसल, जोशीमठ के संकट को देखते हुए स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. क्योंकि कई घरों, होटलों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में भूस्खलन के कारण दरारें आ गईं थीं. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने जोशीमठ में स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान राहत और बचाव के लिए राज्य प्रशासन को हर संभव मदद का आश्वासन दिया था.

Advertisement

वहीं आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ में 261 प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत के रूप में 3.45 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है. साथ ही कहा कि जोशीमठ के पास सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की द्वारा वन बीएचके, टू बीएचके और थ्री बीएचके मॉडल प्रोटोटाइप प्रीफैब्रिकेटेड शेल्टर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है.
 
चमोली के ढाक गांव में वन बीएचके, टू बीएचके और थ्री बीएचके के मॉडल प्रोटोटाइप प्रीफैब्रिकेटेड शेल्टर के निर्माण के लिए भूमि का चयन करने के बाद, जमीन के समतलीकरण, बिजली, पानी, सीवर आदि की व्यवस्था के लिए काम शुरू हो गया है. 
 

ये भी देखें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »