उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार देर रात एक निर्माणाधीन टनल में हादसा हो गया था. निर्माणाधीन टनल में पानी भरने और मलबा आने से हुए भीषण हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. शनिवार को रेस्क्यू टीम ने टनल के अंदर से एक और शव बरामद कर लिया है. इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की कुल संख्या बढ़कर 8 हो गई है.
प्रशासन और बचाव टीमें अंदर फंसे बाकी बचे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन.के. जोशी ने बताया कि यह पूरी घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे की है. टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की विष्णुगाद-पीपलाकोटि जलविद्युत परियोजना के तहत पीपलाकोटि में 3 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण चल रहा था.
इसी दौरान अचानक हुए भूस्खलन और भारी धंसाव के कारण मलबा और पानी तेजी से सुरंग के अंदर घुस गया. घटना के समय सुरंग के अंदर कुल 22 मजदूर फंसे हुए थे, जिनमें से कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन पानी और मलबे के कारण कई मजदूर अंदर ही फंस गए.
गुरुवार और शुक्रवार को चले शुरुआती बचाव अभियानों के दौरान 7 लोगों के शव बरामद किए गए थे. वहीं शनिवार को चमोली के अपर जिलाधिकारी (ADM) विवेक प्रकाश ने जानकारी दी कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक और शव मिल गया है. सुरंग के अंदर अभी भी पानी भरा हुआ है, जिसे निकालने के लिए भारी-भरकम सक्शन पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है. बचाव दल हरसंभव कोशिश कर रहा है कि जल्द से जल्द सुरंग के उस हिस्से तक पहुंचा जा सके जहां बाकी बचे मजदूर फंसे हुए हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया जायजा
इस भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पीपलाकोटी का दौरा किया था. उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की उच्च स्तरीय समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और प्रभावितों को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाए.
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में प्रदीप सिंह पवार (टिहरी), मुकेश (चमोली), दुर्लभ शर्मा (बिहार), विजय हांसदा और जितेंद्र कुमार (झारखंड), लोकेश्वर और भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़) शामिल हैं.
शुक्रवार तक तीन मजदूर लापता बताए जा रहे थे, जिनमें झारखंड के लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ के चेतन पोया और देवनाथ शामिल थे. हालांकि, शनिवार को मिले नए शव की आधिकारिक पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है. प्रशासन और राहत टीमें सुरंग के अंदर फंसे आखिरी मजदूरों की तलाश कर रही हैं.
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