राम मंदिर: RSS को ओवैसी का जवाब, कोर्ट में भावना-आस्था नहीं इंसाफ चलता है

राम मंदिर पर दिए गए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस ने पलटवार किया है.

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AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी (File, India Today) AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी (File, India Today)

सुप्रिया भारद्वाज / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने बयान दिया है. संघ का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन करने के लिए तैयार है, वहीं सुप्रीम कोर्ट को भी हिंदू भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.

संघ के इस बयान पर AIMIM प्रमुख ने पलटवार किया है. उन्होंने ट्वीट किया,  'सुप्रीम कोर्ट हिंदू भावनाओं के आधार पर फैसला नहीं दे सकता है. संघ अब भी इस बात से इनकार कर रहा है कि देश में कोई संविधान है. यहां आस्था, भावना नहीं बल्कि इंसाफ ही चलता है.'

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कांग्रेस ने भी किया पलटवार

ओवैसी के अलावा ने भी संघ के बयान पर जवाब दिया. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि इन लोगों ने हिंदुओं की भावनाओं का ठेका नहीं ले रखा है, संघ और बीजेपी अपनी विफलताओं का ठीकरा सुप्रीम कोर्ट पर ना थोपे.

कांग्रेस नेता ने कहा कि कोर्ट की एक प्रक्रिया होती है. वह किस फैसले की राह देख रहे हैं, जब अभी तो सुनवाई भी शुरू नहीं हुई है. संघ और बीजेपी लोगों को झूठ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कोर्ट को धमकाया था.

संसद से कानून के पक्ष में नहीं जेडीयू

बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने भी संघ के इस बयान पर कमेंट किया है. जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि RSS और BJP के कुछ नेता बेशक लगातार बयानबाजी कर रहे हो, लेकिन हमारा रुख साफ है कि मंदिर निर्माण दो ही रास्तों से हो सकता है. पहला सुप्रीम कोर्ट और दूसरा बातचीत, इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है.

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केसी त्यागी बोले कि RSS-BJP को अपने-अपने विचार के हिसाब से और आस्था के हिसाब से बात रखने का अधिकार है. हम संसद से कानून लाने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में है. इसलिए सभी को सर्वोच्च अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

क्या है संघ का बयान?

बता दें कि मुंबई में पिछले तीन दिन से चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक (RSS) की बैठक शुक्रवार को खत्म हुई. बैठक के खत्म होने के बाद संघ के सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि अगर जरुरत पड़ेगी तो हम एक बार फिर 1992 जैसा आंदोलन करेंगे.

भैयाजी जोशी ने कहा कि अयोध्या को लेकर पिछले 30 साल से हम आंदोलन कर रहे हैं, सामूहिक रूप से समाज की अपेक्षा है कि अयोध्या में राम मंदिर बने. इसमें कानूनी बाधाएं हैं, हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला देगा.

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