पंजाब के संगरूर में गुलजार सिंह की मौत का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि 'ड्रग्स की बिक्री पर सवाल उठाने की वजह से गुलजार को धमकाया और प्रताड़ित किया गया'. इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें गांव की सरपंच बलजिंदर कौर समेत 5 लोग शामिल हैं.
गुलजार सिंह ने गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने का मुद्दा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने उठाया था. यह बात गांव में हुए एक विकास कार्यक्रम के दौरान सामने आई थी. गुलजार ने कहा था कि उनके गांव में ड्रग्स की बिक्री खुलेआम हो रही है. उन्होंने यह भी बताया था कि उनका बेटा चिट्टा का आदी है. इसके बाद परिवार और कुछ ग्रामीणों ने पंचायत से जुड़े लोगों पर गुलजार से माफी मांगने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया.
परिवार के मुताबिक, इस दबाव के बाद गुलजार काफी परेशान हो गए थे. बाद में उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसी मामले को लेकर राहुल गांधी ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता के सवालों का जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को दबाना नहीं.
इस केस में अब तक क्या हुआ?
गुलजार सिंह की मौत के बाद उनके बेटे लखविंदर सिंह के बयान पर पुलिस ने संगरूर के दिड़बा थाने में केस दर्ज किया. पुलिस ने BNS की धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ SC-ST एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई हैं. FIR में गांव की सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह और गन्ना सिंह के नाम दर्ज किए गए. पुलिस के मुताबिक, मामले में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अब घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पंजाब की AAP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देख रहे थे. इसी वजह से उन्होंने ड्रग्स की बिक्री को लेकर सवाल उठाया था. ऐसे में उनका आरोप है कि सवाल पूछने के बाद गुलजार को धमकाया गया और माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि इसी प्रताड़ना के बाद गुलजार ने जहरीला पदार्थ खा लिया. राहुल ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की भी मांग की.
चार अफसरों की SIT करेगी जांच
मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय SIT बनाई गई है. इसकी अध्यक्षता पटियाला रेंज के DIG करेंगे. टीम में संगरूर के SSP, पटियाला के SP (Investigation) और संगरूर के SP (Operations) शामिल हैं. SIT को मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. टीम यह पता लगाएगी कि गुलजार की मौत से पहले क्या हुआ था. घटना से जुड़े सभी आरोपों की भी जांच की जाएगी.
इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने भी गुलजार सिंह की मौत के मामले का संज्ञान लिया है. आयोग के पास पहुंची शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गुलजार ने सिंथेटिक ड्रग्स यानी चिट्टा की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाई थी. शिकायत में उन्हें डराने-धमकाने की बात भी कही गई है.
NHRC ने पंजाब सरकार से दो हफ्ते में Action Taken Report मांगी है. आयोग ने मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी मांगे हैं. इनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इनक्वेस्ट रिपोर्ट, डाइंग डिक्लेरेशन समेत दूसरे रिकॉर्ड शामिल हैं.
8 सितंबर को कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
गुलजार सिंह मामले को लेकर कांग्रेस ने 8 सितंबर को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. पार्टी ने हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की. पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कार्यकर्ता पंजाब कांग्रेस भवन के पास जुटे. इसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया गया. पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया. राजा वड़िंग समेत 100 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. उन्हें बसों से सेक्टर-11 थाने ले जाया गया. कांग्रेस ने दावा किया कि प्रदर्शन में 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के मामूली रूप से घायल होने की बात भी सामने आई.
अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ SIT की पड़ताल चल रही है. NHRC ने भी सरकार से रिपोर्ट मांगी है. जांच आगे बढ़ने के साथ गुलजार सिंह की मौत से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.
कमलजीत संधू