पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद की योजना पर अमल करने जा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि 1 जुलाई से पंजाब की महिलाओं को पैसे मिलने शुरू हो जाएंगे. उनके इस ऐलान के बाद AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भी पंजाब की महिलाओं को बधाई दी. उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान का वीडियो पोस्ट करते हुए खुशी जताई.
केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, ''पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई. 1 जुलाई को उनके खाते में 3 महीने के पैसे आएंगे. हर जनरल केटेगरी की महिला को 3 हजार और SC कैटेगरी की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे. एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी. दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है.''
इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री और BJP नेता रवनीत बिट्टू ने AAP सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए हैं. बिट्टू ने कहा, ''सबसे पहले मैं यह कहूंगा कि सीएम भगवंत मान कमजोर हैं. उन्होंने पंजाब की चाबियां केजरीवाल और सिसोदिया को दे दी है.'' उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की महिलाओं से किए गए वादे को पूरा करने में देरी हुई.
उन्होंने कहा कि AAP सरकार के सभी मंत्रियों, MLA, चेयरमैन और नियुक्त लोगों को मार्च 2022 से सैलरी मिल रही है. उन्होंने आगे कहा कि जिन महिलाओं से AAP सरकार ने वादा किया था, उन्हें इतने समय तक इंतजार करना पड़ा. अब ये घोषणाएं सिर्फ वोट पाने के लिए की जा रही हैं. पंजाब सरकार महिलाओं को लेकर ऐसे कमेंट कर रही है कि वे इस पैसे से क्या खरीदेंगी.
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में पंजाब में सरकार बनाने से पहले महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की आर्थिक मदद देने का वादा किया था. तब से यह योजना लागू होने का इंतजार किया जा रहा था. अब सरकार का कहना है कि 1 जुलाई से योग्य महिलाओं के अकाउंट में पैसे आने शुरू हो जाएंगे. जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए मिलेंगे.
वहीं अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1500 रुपए हर महीने देने की घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि 1 जुलाई को योग्य महिलाओं को तीन महीने का पैसा एक साथ दिया जाएगा. इस योजना के लिए 52 लाख महिलाओं की पहचान की गई है. करीब 35-36 लाख महिलाओं के कार्ड भी बनाए जा चुके हैं. रजिस्ट्रेशन प्रोसेस अभी भी चल रहा है.
कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि रजिस्टर्ड महिलाओं की संख्या लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए अभी यह बताना संभव नहीं है कि शुरुआत में कितनी महिलाओं को भुगतान मिलेगा. महिला आर्थिक मदद योजना को लेकर जहां AAP सरकार इसे अपनी बड़ी पहल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी वादे में देरी से जोड़कर सवाल उठा रहा है.
असीम बस्सी