पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) कैंपस में 28 जुलाई को करंट लगने से एक PhD स्कॉलर की करंट से मौत हो गई. मृतका के परिवार के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने राहत भरा फैसला लिया है. यूनिवर्सिटी ने पीड़ित परिवार के लिए न सिर्फ आर्थिक मदद बल्कि ज्योति के भाई को कैंपस में ही नौकरी देने का फैसला भी किया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस कदम फैसले से पीड़ित परिवार को इस बेहद मुश्किल घड़ी में एक बड़ा संबल मिला है.
दरअसल, मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में यूनिवर्सिटी की एक छात्रा, ज्योति, परिसर में मौजूद बिजली के एक खुले तार की चपेट में आ गई थी. करंट इतना जोरदार था कि ज्योति को संभलने का मौका तक नहीं मिला और इस हादसे में उसकी जान चली गई. इस घटना के बाद पूरे कैंपस में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ. छात्रों और कर्मचारियों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी जताई. उनका कहना था कि कैंपस के अंतर सुरक्षा इंतजामों में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई. यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी इस बात का भारी दबाव था कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं और उनकी मदद करें.
भाई को नौकरी मिली, परिवार को मिला 16 लाख का मुआवजा
हादसे के बाद लगातार उठ रही मांगों और परिवार की खराब स्थिति को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी की VC और उच्च अधिकारियों की एक विशेष बैठक हुई. इस बैठक में मानवता और जिम्मेदारी दिखाते हुए परिवार के लिए एक बड़े राहत पैकेज को मंजूरी दी गई. प्रशासन ने तय किया कि वे परिवार को बेसहारा नहीं छोड़ेंगे.
इस फैसले के तहत यूनिवर्सिटी ने ज्योति के भाई को कैंपस में ही इलेक्ट्रीशियन के पद पर पक्की नौकरी दे दी है. अधिकारियों का कहना है कि घर के एक सदस्य को स्थायी नौकरी मिलने से परिवार को जीवनभर के लिए एक सुरक्षित आजीविका मिल जाएगी. वे आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे.
नौकरी के साथ-साथ, यूनिवर्सिटी ने ज्योति के परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया है. यह रकम परिवार को सौंप दी गई है ताकि हादसे के बाद अचानक आए इस संकट और किसी भी तरह के कर्ज या तात्कालिक जरूरतों को पूरा किया जा सके. हालांकि, किसी की जान की कीमत पैसों से नहीं चुकाई जा सकती, लेकिन प्रशासन के इस कदम ने परिवार के आंसू पोंछने और उन्हें दोबारा खड़े होने का हौसला जरूर दिया है.
हादसे के बाद सबक लेते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब कैंपस के अंदर बिजली की व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने के निर्देश दिए हैं. यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस विभाग को आदेश दिया गया है कि वे पूरे परिसर का चप्पा-चप्पा छान मारें. जहां कहीं भी खुले तार, खराब स्विचबोर्ड या अर्थिंग की समस्या है, उसे तुरंत ठीक किया जाए ताकि भविष्य में किसी और छात्र या कर्मचारी को अपनी जान न गंवानी पड़े. छात्रों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी दोहराई है कि सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा दुरुस्त रखा जाए ताकि कैंपस हर किसी के लिए सुरक्षित बना रहे.
अमन भारद्वाज