'2014 से पहले लिंचिंग शब्द नहीं सुना था...', राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर निशाना

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया है कि 2014 से पहले लिंचिंग (Lynching) शब्द सुनने में नहीं आता था. राहुल का ये ट्वीट पंजाब में लिंचिंग की घटनाओं के बीच आया है.

Advertisement
राहुल गांधी (फाइल फोटो) राहुल गांधी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST
  • पंजाब में सियासी गर्माहट के बीच राहुल का ट्वीट
  • राहुल बोले - 2014 से पहले लिंचिंग शब्द नहीं सुनते थे

पंजाब में भीड़ द्वारा अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत पर एक तरफ जहां सियासी बयानबाजी जारी है, वहीं इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी का लिंचिंग से ट्वीट आया है. उन्होंने इसमें केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने लिखा है कि साल 2014 से पहले (मोदी सरकार आने से पहले) लिंचिंग शब्द सुनने में नहीं आता था. 

Advertisement

बता दें कि पंजाब में हुई दोनों घटनाओं पर ज्यादातर राजनेता खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं क्योंकि मामले बेअदबी से जुड़े हैं. हालांकि, राहुल गांधी से पहले पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि बेअदबी करने वालों को सबके सामने फांसी दी जानी चाहिए.

राहुल गांधी के ट्वीट पर बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने राहुल के पिता राजीव गांधी को लिंचिंग का जनक कहा है.

स्वर्ण मंदिर और कपूरथला में क्या हुआ था?

बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले स्वर्ण मंदिर और कपूरथला में हुई लिंचिंग ने राज्य के साथ-साथ पूरे देश में हलचल मचा दी है. रविवार को कपूरथला के निजामपुर गांव के एक गुरुद्वारे में युवक को पीट-पीटकर मार दिया गया. उसपर निशान साहिब (सिखों का धार्मिक झंडा) के अपमान का आरोप लगा था. हालांकि बाद में पुलिस ने कहा कि मामला चोरी का हो सकता है. शख्स को कई घंटों तक कमरे में बंद करके रखा गया था लेकिन गुस्साई भीड़ ने कमरे में जबरन घुसकर उसपर हमला किया. तलवार से भी वार किए गए थे. इस घटनाक्रम में तीन पुलिसवाले भी जख्मी हुए.

इससे पहले शनिवार को एक अज्ञात शख्स स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) के अंदर मौजूद ग्रिल्स को फांदकर उस जगह पहुंच गया था जहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब रखा था. शख्स ने वहां रखी तलवार भी उठा ली थी. तब ही लोगों ने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया था. इस मामले में मृतक के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है. गोल्डन टेंपल की ही एक घटना पिछले हफ्ते (15 दिसंबर) चर्चा में आई थी. तब वहां एक शख्स ने पवित्र ग्रंथ 'गुटका साहिब' को स्वर्ण मंदिर के तालाब में फेंक दिया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »