जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद आजतक से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपनी जीत के साथ-साथ बिहार की राजनीतिक दशा-दिशा पर राय रखते हुए कहा कि, 'बांकीपुर के 422 बूथों में से 400 से अधिक बूथों पर भाजपा को हार मिली, जो उसके नेतृत्व मॉडल को जनता द्वारा खारिज किए जाने का संकेत है.
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को केवल 5 किलो मुफ्त राशन नहीं, बल्कि रोजगार, बेहतर शिक्षा और उद्योगों की जरूरत है. उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष, खासकर सम्राट चौधरी से नहीं है, बल्कि बिहार पर थोपे गए नेतृत्व के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही बने तो कोई आपत्ति नहीं, लेकिन वह योग्य और सक्षम व्यक्ति होना चाहिए.'
इसी बातचीत में भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़े सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि 'चुनाव के दौरान दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी भरत तिवारी के परिवार को सम्राट चौधरी से मिलवाने लेकर गए थे और परिवार को लाखों रुपये का लालच दिया गया.
प्रशांत किशोर ने कहा, 'मैं कैमरे पर कह रहा हूं कि न्याय का मतलब सिर्फ मुआवजा देना नहीं है. न्याय का मतलब है कि गृह विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और एसटीएफ के जिन अधिकारियों ने गोली चलाई, उनसे पूछा जाए कि उन्हें आदेश किसने दिया.' उन्होंने कहा कि अगर मनोज तिवारी वास्तव में इस मामले को लेकर संवेदनशील हैं तो उन्हें पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर न्याय नहीं दिला सकते तो बिहार आकर वोट मांगना बंद कर दें. प्रशांत किशोर ने कहा, 'बिहार दिल्ली नहीं है. अगली बार जनता दौड़ाकर मारेगी.'
बिहार की जनता को सिर्फ 5 किलो मुफ्त राशन नहीं चाहिए- पीके
उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर के 422 बूथों में से 400 से अधिक बूथों पर भाजपा को हार मिली, जो उसके नेतृत्व मॉडल को जनता द्वारा खारिज किए जाने का संकेत है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को केवल 5 किलो मुफ्त राशन नहीं, बल्कि रोजगार, बेहतर शिक्षा और उद्योगों की जरूरत है. उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष, खासकर सम्राट चौधरी से नहीं है, बल्कि बिहार पर थोपे गए नेतृत्व के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही बने तो कोई आपत्ति नहीं, लेकिन वह योग्य और सक्षम व्यक्ति होना चाहिए.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वह चाहते हैं कि नितिन नवीन एक मजबूत राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम करें, न कि केवल रबर स्टैंप बनकर रहें. उन्होंने कहा कि जन सुराज की लड़ाई नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पाने की नहीं, बल्कि बिहार की जनता के मुद्दों और अधिकारों के लिए है.
तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें यूरोप जन सुराज ने नहीं भेजा, बल्कि वह अपनी इच्छा से वहां गए थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि जन सुराज आंदोलन ने राज्य में राजनीतिक माहौल तैयार किया, लेकिन अंतिम फैसला पारंपरिक भाजपा समर्थक मतदाताओं ने अपने मतदान के जरिए दिया.
रोहित कुमार सिंह