भागवत के 'यूथ प्लान' पर आगे बढ़ा संघ, विशाखापट्टनम में बनेगा रोडमैप

छात्र आंदोलनों और 'Gen-Z' की चिंताओं को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी रणनीति में युवा पीढ़ी पर फोकस करने का प्लान बनाया है. विशाखापट्टनम में आयोजित समन्वय बैठक के जरिए संघ, युवाओं को जोड़ने के लिए एक व्यापक 'रोडमैप' तैयार करेगा.

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संघ प्रमुख मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबोले (Photo-ITG) संघ प्रमुख मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबोले (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:04 AM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर रांची तक हुए छात्र आंदोलनों के मद्देनज़र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी भावी दिशा और राष्ट्र-निर्माण की रणनीति में देश की युवा पीढ़ी पर फोकस बढ़ाने का निर्णय लिया है. संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत द्वारा युवाओं को दिए गए संदेश और उनकी अपेक्षाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए संघ अब अपने व्यापक 'यूथ प्लान' पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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इसी रणनीति को अंतिम रूप देने और एक सुदृढ़ रोडमैप तैयार करने के लिए आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के गुडीलोवा में संघ परिवार का एक बड़ा महामंथन आयोजित किया जा रहा है. बुधवार से तीन दिनों तक (19 से 21 अगस्त) चलने वाली संघ की इस वार्षिक अखिल भारतीय समन्वय बैठक में देश भर के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.

 हर वर्ष आयोजित होने वाली इस समन्वय बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह-सरकार्यवाह और अन्य केंद्रीय अधिकारियों की विशेष मौजूदगी रहेगी. बैठक में कुल 327 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है. इस बैठक के दौरान युवाओं को केंद्र में रखते हुए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा.

विशाखापट्टनम में आरएसएस की समन्वय बैठक
विशाखापट्टनम में शुरू हुई इस तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के नेतृत्व में बीजेपी, एबीवीपी (ABVP) समेत संघ से जुड़े 32 संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी भाग ले रहे हैं.

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RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, बैठक में युवाओं को नशे से दूर रखने के उपायों और आने वाले समय में संघ प्रेरित संगठनों द्वारा इस दिशा में किए जाने वाले प्रयासों पर गहन चर्चा होगी. तीन दिनों के दौरान सभी 32 संगठन अपनी-अपनी गतिविधियों का ब्योरा साझा करेंगे और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व सुझाव रखेंगे. उन्होंने बताया कि आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ जनकल्याण तथा नीति-संबंधी मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.

युवाओं को जोड़ने का संघ तैयार करेगा रोडमैप
संघ परिवार का मुख्य ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि 'जनरेशन जी' (Gen-Z) और नई पीढ़ी के छात्रों को सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों से किस प्रकार मजबूती से जोड़ा जाए. सुनील आंबेकर ने स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान जनसंख्या असंतुलन, 'नशा मुक्ति', युवाओं में सामाजिक जागरूकता, 'पंच परिवर्तन' के क्रियान्वयन, विकास की भारतीय अवधारणा और अन्य संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है.

इसके अतिरिक्त, हालिया युवा आंदोलनों के साथ-साथ शिक्षा व परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की समस्याओं, उनकी अपेक्षाओं और रोजगार के उभरते मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा. युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने पर विशेष जोर रहेगा. इसी उद्देश्य से बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष सहित कई वरिष्ठ नेता बैठक में शिरकत कर रहे हैं.

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यह बैठक सामाजिक-राजनीतिक विषयों, संगठनात्मक विस्तार और संस्थागत समन्वय पर रणनीति बनाने के लिए विभिन्न संगठनों के नेतृत्व को एक मंच पर लाती है, बीजेपी अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद नितिन नवीन की इस बैठक में उपस्थिति, बीजेपी और उसके वैचारिक मातृ संगठन के बीच आपसी तालमेल को सुदृढ़ करने के प्रति नेतृत्व की गंभीरता को दर्शाती है.

आरएसएस के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर युवाओं का संघ के प्रति आकर्षण बढ़ा है. संघ की आधिकारिक वेबसाइट Join RSS Portal पर 'ज्वॉइन आरएसएस' के माध्यम से वर्ष 2025 में जनवरी से जुलाई के बीच 55,423 लोगों ने पंजीकरण कराया था. वहीं 2026 में इसी अवधि के दौरान यह संख्या बढ़कर 1,23,287 हो गई है.

जुलाई 2025 में यह संख्या 9,718 थी, जबकि जुलाई 2026 में 24,086 लोगों ने संघ से जुड़ने के लिए पंजीकरण कराया. इनमें से लगभग 65 प्रतिशत लोग 30 वर्ष से कम आयु के युवा हैं. 

Gen-Z आंदोलनों के बाद अब संघ युवाओं पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. संघ प्रमुख पिछले 15 दिनों में कई बार युवाओं के साथ सीधा संवाद कर चुके हैं, और अब इस बैठक के माध्यम से एक ठोस रोडमैप तैयार किया जा रहा है.

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मोहन भागवत का स्पष्ट मानना है कि यदि युवाओं को उचित दिशा, सही मार्गदर्शन और अवसर प्रदान किए जाएं, तो वे भारत को 'विश्वगुरु' के पद पर आसीन करने का सबसे सशक्त माध्यम बन सकते हैं, अपने शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर आरएसएस डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और प्रत्यक्ष संवाद कार्यक्रमों के जरिए अपने युवा नेटवर्क का विस्तार कर रहा है. ऐसे में विशाखापट्टनम में तैयार होने वाला यह रोडमैप आने वाले समय में देश के युवाओं के बीच संघ की पहुंच को एक नई गति प्रदान करेगा.
 

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