जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने करीब पांच घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ के बाद वह दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ थाने से बाहर निकले. पुलिस ने उन्हें जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था.
अकोइजाम ने इससे पहले ईमेल के जरिए दिल्ली पुलिस को जवाब भेजा था. उन्होंने कहा था कि वह 15 अक्टूबर को जांच में शामिल होंगे. किसी वजह से उस दिन उपस्थित नहीं हो पाने की स्थिति में उन्होंने 16 अक्टूबर को आने की बात कही थी.
अंगोमचा बिमोल अकोइजाम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर थे. यूनिवर्सिटी ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद 9 अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया था.
बता दें कि इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायत की थी. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर बैठकों या अन्य कार्यक्रमों के बहाने छात्राओं को अपने कैंपस स्थित आवास पर बुलाते थे और उनके साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश करते थे. कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया था. हालांकि, अकोइजाम इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं.
जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने अकोइजाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसमें यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित आरोप शामिल हैं. पुलिस इस मामले में आरोपों की जांच कर रही है.
इससे पहले इंफाल से दिल्ली रवाना होने के दौरान अकोइजाम ने कहा था कि उन्हें न्याय मिलने का भरोसा है. उन्होंने इसे अपने लोगों के साथ दशकों से होते आ रहे अन्याय के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बताया था.
अरविंद ओझा