जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम ने दिल्ली पुलिस के नोटिस का जवाब दे दिया है. उन्होंने ईमेल के जरिए पुलिस को अपना जवाब भेजा है. सांसद ने कहा है कि वह 16 अक्टूबर तक जांच में शामिल होंगे.
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में उन्हें नोटिस जारी किया था. दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ थाने की पुलिस ने बुधवार को दिल्ली स्थित उनके आवास के बाहर भी नोटिस चस्पा किया था.
गुरुवार को दिल्ली रवाना होने से पहले मणिपुर के इंफाल में कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम ने कहा कि वह पुलिस के समन के कारण दिल्ली जा रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि न्याय होगा. अकोइजाम ने कहा, 'चिंता मत कीजिए, न्याय होगा. यह उन अन्यायों को खत्म करने की शुरुआत है, जिनका सामना मेरे लोग दशकों से करते आए हैं.'
उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ ही नहीं, बल्कि दशकों से अपने लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानियों के खिलाफ भी लड़ेंगे.
9 अक्टूबर को JNU ने किया था बर्खास्त
बता दें कि अंगोमचा बिमोल अकोइजाम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर थे. यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया था.
इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि प्रोफेसर बैठकों या अन्य कार्यक्रमों के बहाने छात्राओं को अपने कैंपस स्थित आवास पर बुलाते थे और उनके साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश करते थे. कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया था.
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर रविवार को अकोइजाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है. फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है. अकोइजाम ने आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
अरविंद ओझा