'शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया क्योंकि...', धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक विवाद के दौरान Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई, लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. वहीं ओडिशा में प्रधान ने नवीन पटनायक पर युवाओं को अपने खिलाफ प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप लगाया.

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धर्मेंद्र प्रधान ने GM यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए अपना पक्ष रखा (फाइल फोटो- PTI) धर्मेंद्र प्रधान ने GM यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए अपना पक्ष रखा (फाइल फोटो- PTI)

aajtak.in

  • भुवनेश्वर,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:04 AM IST

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद छोड़ने पर आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. सीनियर बीजेपी नेता और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन-Z को गुमराह करने की कोशिशें की गईं, जिसकी वजह से उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद, प्रधान ने GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की. इस्तीफे के बाद ये उनका पहला सार्वजनिक बयान है.

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प्रधान ने कहा, 'जेन Z हमारे बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की. तब मेरा कोई निजी मसला नहीं था. भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं. पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए. उनकी अपनी उम्मीदें हैं और वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे. मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था.'

उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था और इस्तीफा देने की पेशकश की थी. बता दें कि प्रधान ने 25 जुलाई को मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया था.

रायराखोल में एक दूसरी बैठक में, प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए कहा कि वह BJD कार्यकर्ताओं के विरोध और 'वापस जाओ' के नारों से परेशान नहीं हैं.

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एयरपोर्ट के पास BJD के युवा और छात्र विंग के कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए, जहां 'धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ' जैसे नारे लगाए गए थे, उन्होंने कहा, 'मैं एक किसान का बेटा हूं. भले ही आप मुझे वापस जाने के लिए कहें, मैं वापस आऊंगा.'

प्रधान ने BJD अध्यक्ष पर अपने खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा इंसान भी कहते हैं.'

उन्होंने पूछा, 'क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े?' इस पर सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार आवाज़ में 'नहीं' कहा.

उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि मैं राज्य के लिए सम्मान न ला रहा हूं, लेकिन मैंने अपने काम से कभी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है. मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हो.'

प्रधान ने कहा कि वह 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से केंद्रीय मंत्री बने थे.

पटनायक के खिलाफ उनकी यह टिप्पणी एक ऐसे मंच से आई जहां BJD विधायक और ओडिशा विधानसभा में उप-नेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे.

प्रधान ने कहा, 'BJD के विरोध-प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए, मैंने प्रसन्न भाई से सलाह ली थी कि क्या मुझे जाना चाहिए. प्रसन्ना बाबू ने मुझे आने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि मेरा स्वागत किया जाएगा. मैं उनकी इजाजत लेकर ही यहां आया हूं.'

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