जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बर्खास्त किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है. बीजेपी महिला मोर्चा शनिवार को सभी राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेगा. इसके बाद सोमवार को देशभर के जिला मुख्यालयों पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
बीजेपी इस मामले को लेकर राहुल गांधी के ‘स्मैशिंग द पैट्रिआर्की’ यानी पितृसत्तात्मक सोच को खत्म करने के अभियान पर सवाल उठाएगी. पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.
बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने JNU मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सार्वजनिक मंचों से पितृसत्तात्मक सोच को खत्म करने की बात करते हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी के सांसद से जुड़े मामले में उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है.
स्मृति ईरानी ने कहा, 'पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहरा कर देने वाली चुप्पी, जो पाखंडपूर्ण तरीके से स्मैशिंग द पैट्रिआर्की का नारा देते हैं, JNU में महिला छात्रों के यौन शोषण के आरोपों की जांच समिति की पुष्टि के बाद भी बनी हुई है. यह कांग्रेस के दोहरे रवैये को उजागर करती है.'
ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व महिलाओं के अधिकारों और सशक्तीकरण की बात करता है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही नहीं दिखाता. उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं को कांग्रेस नेतृत्व से न्याय, सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
बीजेपी इस मामले को कांग्रेस के महिला अधिकारों से जुड़े दावों और उसके नेताओं के खिलाफ लगे आरोपों पर पार्टी के रुख के बीच अंतर के रूप में पेश कर रही है. पार्टी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक दलों को अपने नेताओं के मामलों में भी जवाबदेही तय करनी चाहिए.
शनिवार को राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन
बीजेपी ने अपने विरोध अभियान को दो चरणों में आयोजित करने की योजना बनाई है. पहले शनिवार को बीजेपी महिला मोर्चा और पार्टी की महिला नेता सभी राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेंगी. इसके बाद सोमवार को विरोध प्रदर्शन को देशभर के जिला मुख्यालयों तक पहुंचाया जाएगा.
प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता झंडे और तख्तियां लेकर कांग्रेस के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे. बीजेपी महिला मोर्चा को इस अभियान की अगुवाई की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी की योजना इस मुद्दे को राज्यों की राजधानियों से लेकर जिला स्तर तक उठाने की है.
बीजेपी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व को जवाब देना चाहिए. पार्टी इस अभियान के जरिए राहुल गांधी के महिला सशक्तीकरण से जुड़े सार्वजनिक संदेशों को भी सवालों के घेरे में लाना चाहती है.
JNU ने 9 अक्टूबर को जारी किया बर्खास्तगी का आदेश
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने 9 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का फैसला सुनाया. वह विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में कार्यरत थे.
विश्वविद्यालय के आदेश के मुताबिक, यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच आंतरिक समिति ने की थी. समिति ने जांच के बाद प्रोफेसर के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की. विश्वविद्यालय ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने और उपलब्ध तथ्यों तथा समिति की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद बर्खास्तगी का फैसला लिया गया.
महिला पुलिस अधिकारी से कथित दुर्व्यवहार का भी जिक्र
स्मृति ईरानी ने अपने बयान में दिल्ली में हुई एक कथित घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें कांग्रेस नेताओं पर सार्वजनिक रूप से एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था. उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान को लेकर कांग्रेस के दावों से जोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा.
ईरानी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण की बात करने वाले कांग्रेस नेतृत्व को अपने नारों और व्यवहार के बीच कथित अंतर पर देश को जवाब देना चाहिए. बीजेपी इस आरोप के जरिए JNU मामले को महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े व्यापक मुद्दे के रूप में उठा रही है.
स्मृति ईरानी ने उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए उन्हें लोकतंत्र की जीत बताया. उन्होंने कहा कि इन राज्यों के नतीजे कथित तौर पर भीड़तंत्र की हार और लोकतांत्रिक राजनीति के समर्थन को दर्शाते हैं. ईरानी ने नंदीग्राम से लेकर असम तक बीजेपी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इसे शासन और विकास के प्रति जनता के भरोसे से जोड़ा.
पीयूष मिश्रा