देशभर में तेज बारिश का दौर जारी है. इसका असर वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है. यहां गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. केंद्रीय जल आयोग की डेली फ्लड रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा अभी खतरे के निशान से करीब साढ़े 6 मीटर नीचे बह रही है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए NDRF और पुलिस की टीमें लगातार गश्त पर हैं. लोगों से सावधानी बरतने की भी अपील की गई है.
गंगा का पानी बढ़ने से नदी के किनारे रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दशाश्वमेध घाट पर होने वाली शाम की आरती का स्थान अब तक दो बार बदला जा चुका है. वहीं, दो पक्के घाट गंगा के बढ़ते पानी में डूब गए हैं. पानी का बहाव तेज होने के कारण कुछ घाटों का आपस में संपर्क भी टूट गया है. ऐसे में एक घाट से दूसरे घाट तक जाना मुश्किल हो गया है.
जल पुलिस ने सभी तरह की नावों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है.
यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बारिश, यहां चेक करें दिल्ली समेत अपने शहरा का मौसम
जल पुलिस और NDRF की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं. गंगा में स्नान करने और गंगाजल लेने पहुंच रहे लोगों को भी सावधान किया जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो अगले एक-दो दिनों में सभी पक्के घाट पानी में डूब सकते हैं. ऐसे में फिलहाल पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है. सभी से सावधानी बरतने की अपील की गई है.
देश के कई हिस्सों में इस समय तेज बारिश हो रही है. सिर्फ वाराणसी नहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं.
रोशन जायसवाल