यूपी की वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा' से बिहार में 'डॉग बाबू' के रेजिडेंसी सर्टिफिकेट को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ देखने को मिली है. इनमें से कुछ शरारतें थीं तो कुछ AI से जुड़ी ट्रांसलेशन और ट्रांसलिट्रेशन की गलतफहमी के कारण हुईं, लेकिन वजह चाहे जो भी हो, लोग सोशल मीडिया पर खूब मजे ले रहे हैं.
वोटर लिस्ट में ऐसे और भी अजीब नाम दिख रहे हैं- जैसे 'टक्कर मारना', 'मूर्ख देवी', 'राम ने शर्मा को मारा' और 'मोहम्मद इकबाल भीख मांगते हैं'.
अभी एक मीम वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति अपना परिचय देता है, 'मायसेल्फ पुअर सर्वेंट... दूसरा व्यक्ति हैरान होकर पूछता है, पुअर सर्वेंट? पहला व्यक्ति स्पष्ट करता है, 'मेरा मतलब गरीब दास है.'
बता दें, ताजा मामले में उत्तर प्रदेश के 'रामहित यादव' नाम के एक निवासी ने अपनी वोटर स्लिप पर अपना नाम हिंदी में 'राम ने यादव को मारा' लिखा हुआ पाया.
एक और व्यक्ति 'रामहित शर्मा' का नाम 'राम ने शर्मा को मारा' हो गया, जबकि एक 'राम' का नाम 'टक्कर मारना' हो गया क्योंकि ट्रांसलेशन कंप्यूटर ने 'राम' (Ram) शब्द को एक इंग्लिश वर्ब समझ लिया, जिसका मतलब क्लेश या कोलाइड होता है.
सोशल मीडिया पर ऐसी गलतियों की भरमार हो गई है, जिसमें 'मोहम्मद इकबाल बेग' का नाम 'मोहम्मद इकबाल भीख मांगते हैं' हो जाना भी शामिल है. जबकि फूल देवी का नाम 'मूर्ख देवी' बना दिया गया है.
इस बीच कुछ समय पहले, जब बिहार में मतदाता सूची का SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) शुरू हुआ और लोगों के लिए भारतीय निवासी होने का सबूत देना जरूरी कर दिया गया, तो कई शरारती लोग भी इसमें शामिल हो गए.
एक व्यक्ति ने 'डॉग बाबू' के नाम से रेजिडेंसी सर्टिफिकेट बनवाया, जिसमें पिता का नाम 'कुत्ता बाबू' और मां का नाम 'कुतिया देवी' लिखा था. उस व्यक्ति ने सर्टिफिकेट पर कुत्ते की तस्वीर भी लगवाई थी. एक और व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन 'डोगेश कुमार' के तौर पर हुआ और एक और का 'कैट कुमारी' के तौर पर.
यह ट्रेंड केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा है. बहुत पहले, 2008 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान, किसी ने 'मिकी माउस' के नाम से वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए अर्जी दी थी. किसी तरह वह एप्लीकेशन रिजेक्ट हो गई, लेकिन वोटर रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी को लेकर यह एक बड़ी चर्चा का विषय बन गई.
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