उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के बाद मिली बेल, थाने के बाहर समर्थकों का हंगामा

अभिनेत्री तृषा पर विवादित टिप्पणी के मामले में पुलिस स्टेशन में पूछताछ के बाद DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को रिहा कर दिया गया है. थाने से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.

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उदयनिधि की गिरफ्तारी पर तमिलनाडु में हाई वोल्टेज ड्रामा. (photo: AI Modify) उदयनिधि की गिरफ्तारी पर तमिलनाडु में हाई वोल्टेज ड्रामा. (photo: AI Modify)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:11 PM IST

तमिलनाडु विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को तंजावुर के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन से पूछताछ के बाद बेल मिल गई है. थाने से बाहर आते ही वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. पुलिस ने उन्हें (उदयनिधि) अभिनेत्री तृषा से जुड़े विवादित बयान के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था.

गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें तंजावुर दक्षिण पुलिस स्टेशन ले जा रही थी, लेकिन थाने के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा होने के बाद पुलिस उदयनिधि को लगभग 21 किलोमीटर दूर सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन ले गई. इस दौरान पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उदयनिधि ने वाहन से बाहर निकलने से इनकार कर दिया. उन्होंने तर्क दिया कि सेंगीपट्टी वह पुलिस स्टेशन नहीं है, जिसका उल्लेख अदालत के समक्ष किया गया था.

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थाने के बाहर समर्थकों का हंगामा

हालांकि, बाद में वह पुलिस के साथ वैन से बाहर आ गए और पुलिस की टीम ने उनसे पूछताछ की और इसके बाद उन्हें बेल मिल गई. वहीं, पुलिस पूछताछ के दौरान बड़ी संख्या में थाने के बाहर एकत्र हुए डीएमके कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और धक्का-मुक्की के दौरान कुछ समर्थक घायल हो गए. पुलिस ने थाने के बाहर पहुंचे डीएमके समर्थकों को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.

यह भी पढ़ें: जुबान बिगड़ी हुई थी उदयनिधि की, पहली बार मिला सवा शेर... CM विजय ने घर से उठवा लिया

डीएमके सांसद ने किया विरोध

इसी बीच डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में आलोचना बर्दाश्त नहीं की जाती. आलोचना के प्रति असहिष्णुता है. जब एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री थे, तब उनकी अत्यधिक आलोचना हुई, लेकिन हमने इसे बर्दाश्त किया. 

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वहीं, बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक रैलियों में इस तरह के अश्लील मजाक स्वीकार्य नहीं हैं.

क्या है मामला

उदयनिधि स्टालिन कावेरी जल विवाद को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान भीड़ को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा और तमिलनाडु के लिए कावेरी के पानी के उचित प्रबंध को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की.

इसी दौरान भीड़ ने तृषा, तृषा के नारे लगाने शुरू कर दिए. कहा जा रहा है कि इसी दौरान स्टालिन ने भीड़ से पूछा कि वह तृषा के नारे क्यों लगा रहे हैं और इस दौरान द्विअर्थी बयान दिया और अभद्र इशारा किया.

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