दिल्ली में बड़ा खेला... दो-तिहाई सांसदों के साथ TMC के बागी गुट ने की NCPI पार्टी में विलय की घोषणा, बैकफुट पर ममता!

तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने एक क्षेत्रीय दल नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने का ऐलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि वह एनडीए का समर्थन करेंगे. काकोली घोष और सुदीप बंद्योपाध्याय ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद ये ऐलान किया. दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को पत्र लिखकर किसी भी अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की है.

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20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर NCPI में विलय और एनडीए समर्थन का ऐलान किया (Photo: ITG) 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर NCPI में विलय और एनडीए समर्थन का ऐलान किया (Photo: ITG)

पीयूष मिश्रा / अनमोल नाथ / तपस सेनगुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

दिल्ली में रविवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला. ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने एक क्षेत्रीय दल 'नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया' में शामिल होने का ऐलान कर दिया. इस ऐलान से पहले टीएमसी के सभी बागी सांसद काकोली घोष के नेतृत्व में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने स्पीकर को भी नए दल में शामिल होने की जानकारी दी है. हालांकि स्पीकर की तरफ से फिलहाल किसी तरह का बयान जारी नहीं किया गया है.

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वहीं काकोली घोष ने दिन में दावा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. लेकिन उन्होंने बागी गुट के समर्थन में आए नए सांसदों के नाम बताने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि अभी औपचारिकता होनी बाकी है. इससे कुछ दिन पहले ही बागियों की एक लिस्ट सामने आई थी, जिसमें 19 लोकसभा सांसदों के हस्ताक्षर थे. इस पत्र में काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग गुट को मान्यता देने का अनुरोध किया गया था.

दूसरी तरफ TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि बागी गुट को किसी भी तरह की मान्यता न दी जाए क्योंकि ममता बनर्जी का गुट ही असली टीएमसी है. 

बता दें कि TMC यानी तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी पार्टी रही है. ममता बनर्जी इसकी मुखिया हैं और बंगाल में उनकी 15 साल से सरकार थी. हालांकि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद से ही पार्टी में बगावत खुलकर सामने आई है. पहले ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के करीब 60 विधायकों ने बगवात की और अब करीब दो तिहाई सांसदों के बागी होने की बता सामने आई है. 

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काकोली घोष का बड़ा दावा 

टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद दावा किया कि एआईटीसी के सभी बागी सांसदों ने अलग बैठने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह संख्या पार्टी की कुल ताकत के दो-तिहाई से अधिक है. काकोली ने यह भी दावा किया कि उनका समूह नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर रहा है और आगे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए के साथ मिलकर काम करेगा.

सुदीप बंद्योपाध्याय बोले - हमने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में किया विलय

टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने दावा किया है कि उनका समूह नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में शामिल हो गया है. उन्होंने कहा कि यह एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय राजनीतिक दल है और उनके गुट का उसमें विलय हो चुका है. सुदीप ने यह भी कहा कि असली टीएमसी कौन है, इसका फैसला अब अदालत में होगा.
 

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दिल्ली में क्या हुआ?

रविवार को TMC के कई सांसद दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे. भूपेंद्र यादव BJP के बड़े नेता हैं. TMC और BJP दो अलग पार्टियां हैं और आमतौर पर एक-दूसरे के खिलाफ होती हैं. ऐसे में TMC के सांसदों का BJP के मंत्री के घर जाना बड़ी बात है.

सबसे पहले TMC सांसद सेयानी घोष वहां पहुंचीं. उनके बाद एक के बाद एक कई और सांसद भी आ गए. जिनमें सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय, पारसुन बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती, शताब्दी रॉय, काकोली घोष और सुदिप बंद्योपाध्याय के नाम शामिल हैं. ये सभी TMC के जाने-माने चेहरे हैं. इनके अलावा टीएमसी नेता, जगदीश बसुनिया, पार्थ भौमिक, जून मालिया, मेटाली बाग, बापी हलधर भी पहुंचे हैं. ये नेता करीब दो घंटे यहां रुके और फिर चले गए.

लोकसभा स्पीकर से मिले टीएमसी के बागी सांसद

वहीं, TMC सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष स्पीकर ओम बिरला के आवास पर पहुंचे और कुछ देर बाद चले गए. उनके साथ अन्य बागी सांसद भी मौजूद दिखे.

यह भी पढ़ें: 'हमारे साथ 22 सांसद', काकोली घोष के दावे से बढ़ी हलचल, भूपेंद्र यादव से मुलाकात

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि टीएमसी एक महीने के भीतर बिखर जाएगी. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता अब अलग रास्ता तलाश रहे हैं और एक वरिष्ठ नेता भी दिल्ली में सक्रिय हैं. अपने भाषण में उन्होंने टीएमसी पर घमंड, भ्रष्टाचार और अत्याचार के आरोप लगाए तथा पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े किए.

अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के किसी भी कथित अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि टीएमसी लोकसभा में एक ही अधिकृत नेतृत्व और व्हिप के तहत काम करती है. साथ ही उन्होंने दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात भी कही.

अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से आग्रह किया कि लोकसभा में टीएमसी को केवल उसके अधिकृत नेता और अधिकृत व्हिप के माध्यम से ही प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र राजनीतिक पार्टी माना जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी कथित अलग समूह या गुट को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा नहीं दी जानी चाहिए.

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