भूपेंद्र यादव
भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) भारत सरकार में श्रम और रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री हैं. वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (Bhupender Yadav BJP) हैं. वे राज्य सभा में संसद सदस्य हैं, राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस पद पर वे 2012 से हैं. उन्हें पिछली बार अप्रैल 2018 में चुना गया था. 2024 आम चुनाव में भूपेंद्र यादव ने बड़ी जीत दर्ज की. अलवर सीट से उन्होंने 631992 वोट हासिल किए और कांग्रेस के ललित यादव को 48282 वोटों से शिकस्त दी. पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनें.
साल 2000 में, उन्हें अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का महासचिव नियुक्त किया गया 2009 तक वह इस पद पर रहे. वह लिब्रहान आयोग के सरकारी वकील थे, जिसने 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की जांच की (Bhupender Yadav counsel for Liberhan Commission). और वह ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स की हत्या मामले में भी वकील थे, जिसकी जांच न्यायमूर्ति वाधवा आयोग ने की थी.
यादव 2010 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव नियुक्त हुए. 4 अप्रैल 2012 को उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुना गया. यादव राजस्थान (2013), गुजरात (2017), झारखंड (2014) और उत्तर प्रदेश (2017) के विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के लिए ठोस जीत हासिल करने के पीछे युद्ध कक्ष रणनीतिकार थे. यादव 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी थे. जुलाई 2021 में, यादव को पर्यावरण के लिए कैबिनेट मंत्री के रूप में मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया (Bhupender Yadav Political Career).
संसदीय चयन समितियों के विशेषज्ञ के रूप में यादव की प्रतिष्ठा ने उन्हें “कमिटी मैन” की उपाधि दी है. वह दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2015 पर संयुक्त समिति के अध्यक्ष थे. वह सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 पर राज्यसभा की चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं (Bhupender Yadav Parliamentary Committees).
यादव का जन्म 30 जून 1969 (Bhupender Yadav Date of Birth) को हरियाणा के गुड़गांव जिले के पटौदी, जमालपुर, में हुआ था. उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज, अजमेर से स्नातक की डिग्री और कानून की डिग्री प्राप्त की है (Bhupender Yadav Education).उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @byadavbjp है. उनके फेसबुक पेज का नाम Bhupender Yadav BJP है. वह इंस्टाग्राम पर bhupenderyadavofficial यूजरनेम से एक्टिव हैं.
सिर्फ अरावली ही नहीं... सरकार, कोर्ट, वैज्ञानिकों और लोगों के पास चुनौतियों की पर्वतमाला खड़ी है. कई सवाल हैं, जिनके उत्तर चाहिए. कितनी ऊंचाई सही होनी चाहिए जहां तक खनन वैध हो. कितना इलाका बफर जोन में हो और कौन सा हिस्सा इकोसेंसिटिन जोन में होना चाहिए. ऐसे ही कई सवालों के जवाब हमने लिए एक्सपर्ट से...
Aravalli hills को लेकर mining rules और नई definition पर विवाद तेज. Govt, court और experts के सामने buffer zone, eco-sensitive zone और illegal mining को लेकर बड़ी चुनौतियां.
अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा को लेकर उठे विवाद पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आजतक से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अवैध खनन रोकने और चार राज्यों में एकरूपता लाने के लिए जरूरी है.
दिल्ली में खराब हवा को लेकर मचे बवाल के बीच अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर जबरदस्त सियासत मची है. नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की एक नई परिभाषा को मंजूरी दी, जिसमें 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भूमि को ही 'अरावली पहाड़ी' माना जाएगा. इसके बाद से विपक्षी दलों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और आम जनता में हंगामा मच गया है. इस पूरे मसले पर आजतक ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से बात की. देखें वीडियो.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पर सुप्रीम कोर्ट फैसले पर सफाई देते हुए कहा कि अफवाहें गलत हैं. 100 मीटर ऊंचाई वाली पहाड़ियां और ढलान संरक्षित रहेंगी. NCR में खनन पूरी तरह बंद है. सिर्फ 0.19% क्षेत्र में सीमित खनन संभव है. अरावली में 20 अभयारण्य और 4 टाइगर रिजर्व सुरक्षित है. सरकार ग्रीन अरावली के लिए प्रतिबद्ध है.
एक्यूआई की तीव्रता झेलती दिल्ली-एनसीआर अरावली मुद्दे पर बहुत जल्दी सेंसिटिव हो गई है. पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह को सामने आकर सफाई देनी पड़ी है. भूपेंद्र यादव बार-बार सफाई दे रहे हैं पर क्या जनता को उनकी बातों पर यकीन हो रहा है?
अरावली बचाओ आंदोलन अब और तेज हो गया है. आज जयपुर में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया जबकि उदयपुर में भी इस आंदोलन को लेकर खास तौर पर प्रदर्शन देखने को मिला है, सोशल मीडिया पर चल रहे अरावली संरक्षण अभियान अब सड़कों पर भी जोर पकड़ रहा है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि अरावली को लेकर भ्रम फैलایا जा रहा है और पर्वत माला की सुरक्षा करना हमारा दायित्व है.
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए आंदोलन में तेजी आई है. जयपुर में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया पर सेव अरावली आंदोलन चल रहा है और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस विषय पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 'अरावली को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और पर्वतमाला की सुरक्षा करना हमारा दायित्व है.'
केंद्र सरकार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने समिति की उस सिफारिश को स्वीकार किया है, जिसके तहत संरक्षित क्षेत्र, इको-सेंसिटिव जोन, टाइगर रिजर्व, आर्द्रभूमि और इनके आसपास के क्षेत्रों में खनन पर पूरी तरह रोक रहेगी. केवल राष्ट्रीय हित में आवश्यक, रणनीतिक और गहराई में स्थित खनिजों के लिए सीमित छूट दी जा सकती .
दिल्ली-NCR में 2025 के प्रदूषण पर पर्यावरण मंत्री ने संसद में कहा एक भी 'सीवियर+' दिन नहीं रहा है. लेकिन दिसंबर में दिल्ली AQI 461, नोएडा में 466 तक पहुंचा था. GRAP-4 लागू है. WFH और ऑनलाइन क्लास की सलाह दी गई है. औसत सुधरा है लेकिन सर्दी में संकट गहरा गया है. स्वास्थ्य पर खतरा है.
आज लोकसभा में दिल्ली और आसपास के इलाके में लगातार खतरनाक स्तर पर बने हुए वायु प्रदूषण को लेकर चर्चा होगी. शाम 5 बजे पर्यावरण मंत्री विपक्षी दलों के सवालों और आपत्तियों का जवाब देंगे.
लोकसभा में दिल्ली-एनसीआर की खराब वायु गुणवत्ता पर बहस हुई, जिसमें सांसदों ने केंद्र और दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रदूषण की गंभीरता स्वीकार करते हुए 2025 तक सुधार के आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि केंद्र ने CAQM और GRAP के तहत सख्त नियम लागू किए हैं, लेकिन विपक्ष ने फंड के उपयोग और कार्यान्वयन में कमी पर चिंता जताई.
पीएम मोदी की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर काबिज है तो कई मुश्किल राज्यों में भी पार्टी सरकार बनाने में कामयाब रही, लेकिन बंगाल में अभी भी उसके लिए चुनौती बना हुआ है. ऐसे में बीजेपी ने बंगाल की कमान अपने दिग्गज नेता भूपेंद्र यादव और बिप्लब देव को सौंपी है.
वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में आयोजित सिम्पोजियम में केंद्रीय मंत्री और AFT ने अपने-अपने विचार रखें हैं. इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने दावा किया कि वन नेशन वन इलेक्शन से देश की जीडीपी को लगभग 1.5% का लाभ होगा. उन्होंने बताया कि 1982 में विधि आयोग ने ONOE की सिफारिश की थी. यह कोई नई बात नहीं है.
वायु प्रदूषण को लेकर एक सवाल के जवाब में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास गिनाए. उन्होंने यह भी कहा कि देश में एलीफेंट रिजर्व तैयार किए जा रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, "पिछले कई दिनों से हमारे विपक्ष के नेता राहुल गांधी परमाणु बम छोड़ने की बात कर रहे थे. सच कहा जाए तो कांग्रेस के 'युवराज' और देश के विपक्ष के नेता की भाषा में आक्रामकता चुनाव आयोग के अधिकारियों के लिए थी."
सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट एरिया की सीमा को फिर से तय करने का विरोध किया जा रहा है. वन्यजीव प्रेमी और पर्यावरणविद इस बदलाव को सरिस्का के लिए खतरा बता रहे हैं. वहीं सरकार का कहना है कि इससे वन क्षेत्र बढ़ेगा जो कि बाघों के लगातार बढ़ते कुनबे के लिए जरूरी है.
बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी संभालते वक्त जेपी नड्डा के सामने अमित शाह बनने जैसी मुश्किल चुनौती थी, लेकिन नये अध्यक्ष के सामने संघ की नजर में नड्डा न बनने की चुनौती होगी, और मोदी-शाह की अपेक्षाओं पर भी खरा उतरना होगा - अब जो भी पैमाने में फिट हो पाएगा, बीजेपी की कमान उसे ही थमाई जाएगी.
भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव की जोड़ी को महाराष्ट्र का जिम्मा भी सौंपा गया था. अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से भाजपा की किस्मत बदलने की पटकथा लिखने के लिए दोनों नेताओं ने पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र में डेरा डाला था.
दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसको लेकर दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को तीसरी बार पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी में कृत्रिम वर्षा कराने की मांग की है.
पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि जब मैं गृह मंत्री था तो मुझे कश्मीर जाने की सलाह दी जाती थी. जब मैंने ऐसा किया तो मुझे खूब पब्लिसिटी मिली, लेकिन मुझे डर लग रहा था. सुशील कुमार शिंदे के इस बयान को भाजपा ने आड़े हाथों ले लिया है.