तमिलनाडु में जल्द ही त्रिची ईस्ट में एक बड़ा उपचुनाव देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा खाली की गई विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने अब तक ऐसी खबरों को न तो स्वीकार किया है और न ही इनका खंडन किया है.
तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में स्टालिन की संभावित उम्मीदवारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. यह चर्चा तब शुरू हुई जब वरिष्ठ डीएमके नेता केएन नेहरू ने पुडुकोट्टई में एक सभा में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जल्द ही विधानसभा में वापसी करेंगे. स्टालिन हालिया चुनावों में कोलाथुर, जो उनका पारंपरिक गढ़ रहा है, वहां से 8,000 वोटों के अंतर से हार गए थे.
केएन नेहरू की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री विजय की ओर से विधानसभा में स्टालिन की अनुपस्थिति पर किए गए कटाक्ष के जवाब में आई थी.
वहीं स्टालिन कहा, 'मैं लोगों के दिलों में हूं. हो सकता है कि मैं विधानसभा में न रहूं, लेकिन जहां भी लोग मुझे ढूंढते हैं, मैं वहां मौजूद रहता हूं.'
बता दें, इससे पहले पूर्व डीएमके मंत्री अंबिल महेश को भी उपचुनाव के लिए संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा था.
वहीं, सीएम विजय द्वारा विधानसभा में भाषण के दौरान 'आपके पिता कहां हैं?' सवाल पर आधारित एक कहानी सुनाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई.
इस टिप्पणी को व्यापक रूप से सदन से उदयनिधि स्टालिन और उनके पिता एमके स्टालिन की अनुपस्थिति पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया. विजय की टिप्पणी की उनके कुछ सहयोगी दलों ने भी आलोचना की.
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा कि यह टिप्पणी मुख्यमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी और विजय को व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचना चाहिए था. उन्होंने मुख्यमंत्री से विधानसभा की मर्यादा बनाए रखने का भी आग्रह किया.
प्रमोद माधव