सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपने जवानों और कर्मियों को साइबर अपराध के बढ़ते खतरों को लेकर सतर्क किया है. बल ने ऑनलाइन हनी ट्रैप, फर्जी पहचान के जरिए दोस्ती करने, संदिग्ध वीडियो कॉल, अनजान लिंक और मोबाइल में संदिग्ध APK फाइल इंस्टॉल करने के खिलाफ विशेष एडवाइजरी जारी की है. SSB ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतने के लिए भावनात्मक चालों का इस्तेमाल करते हैं और बाद में उनकी निजी जानकारी, तस्वीरों, वीडियो तथा बैंकिंग डिटेल का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं.
साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के समापन के बाद जारी इस संदेश में बल ने अपने कर्मियों से अपील की है कि वे इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें. किसी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा न करें, निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचें और संदिग्ध वीडियो कॉल या पैसों की मांग करने वाले संदेशों को गंभीरता से लें.
हनी ट्रैप में फंसाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल.
SSB ने अपने कर्मियों को ऑनलाइन हनी ट्रैप के खतरे को लेकर विशेष रूप से आगाह किया है. एडवाइजरी के मुताबिक, साइबर अपराधी कई बार फर्जी पहचान बनाकर अनजान लोगों से संपर्क करते हैं. शुरुआत में सामान्य बातचीत, दोस्ती और भावनात्मक जुड़ाव के जरिए भरोसा कायम किया जाता है. इसके बाद निजी जानकारी हासिल करने या किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है.
ऐसे मामलों में अपराधी पीड़ित को निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने के लिए उकसा सकते हैं. एक बार संवेदनशील सामग्री उनके हाथ लग जाने के बाद उसका दुरुपयोग करने, बदनाम करने या पैसे वसूलने की धमकी देने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं.बल ने कर्मियों को सलाह दी है कि वे अनजान व्यक्तियों के साथ ऑनलाइन बातचीत में सतर्क रहें.
किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें और निजी तस्वीरें, वीडियो या अन्य संवेदनशील जानकारियां साझा करने से बचें. यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति वीडियो कॉल के जरिए संपर्क करता है या लगातार पैसों की मांग करता है, तो उसके इरादों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है.
संदिग्ध APK फाइल मोबाइल के लिए बड़ा खतरा.
SSB की एडवाइजरी में एंड्रॉयड पैकेज किट यानी APK फाइलों को लेकर भी विशेष चेतावनी दी गई है. APK फाइलों का इस्तेमाल एंड्रॉयड डिवाइस में एप्लिकेशन
इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है. हालांकि, अनजान या अविश्वसनीय स्रोत से डाउनलोड की गई फाइल में नुकसान पहुंचाने वाला सॉफ्टवेयर हो सकता है.ऐसी फाइल इंस्टॉल करने से मोबाइल की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है और निजी जानकारी या वित्तीय विवरण साइबर अपराधियों के हाथ लग सकते हैं.
कुछ दुर्भावनापूर्ण एप्लिकेशन उपयोगकर्ता की गतिविधियों पर नजर रखने, संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाने या डिवाइस का गलत इस्तेमाल करने का माध्यम बन सकते हैं. इसी खतरे को देखते हुए SSB ने अपने कर्मियों को केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करने की सलाह दी है.
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल को बिना जांचे इंस्टॉल करने से बचने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की हिदायत दी गई है.बल का संदेश साफ है कि मोबाइल में कोई भी नया एप्लिकेशन इंस्टॉल करने से पहले उसके स्रोत और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है. डिजिटल सुविधा के लिए जल्दबाजी में उठाया गया एक कदम निजी डेटा और बैंक खाते की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है.
OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें
साइबर ठगी के मामलों में अपराधी अक्सर फोन कॉल, फर्जी संदेश, संदिग्ध लिंक और QR कोड के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं. कई बार वे खुद को बैंक कर्मचारी, किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधि या विश्वसनीय संस्था से जुड़ा व्यक्ति बताकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं.SSB ने अपने जवानों को अनजान कॉल और संदेशों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है.
बल ने कहा है कि अपने मेहनत से कमाए गए पैसे की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.एडवाइजरी में वन टाइम पासवर्ड (OTP), पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (PIN), पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने पर जोर दिया गया है. इसके साथ ही संदिग्ध QR कोड स्कैन करने और अनजान लिंक के जरिए किसी वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी भरने से भी बचने की सलाह दी गई है.
कई डिजिटल ठगी के मामलों में अपराधी लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं. कभी खाते के बंद होने का डर दिखाया जाता है, तो कभी किसी इनाम या लाभ का लालच दिया जाता है. ऐसे संदेशों की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है.SSB ने अपने संदेश में कहा है, “किसी भी लेनदेन से पहले हमेशा सत्यापन करें.” इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मी किसी वित्तीय अनुरोध या संदेश पर कार्रवाई करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें.
भारत की सीमाओं की सुरक्षा के साथ डिजिटल सतर्कता पर जोर.
सशस्त्र सीमा बल देश के महत्वपूर्ण सीमा रक्षक बलों में शामिल है. इसे भारत-नेपाल सीमा के 1,751 किलोमीटर और भारत-भूटान सीमा के 699 किलोमीटर हिस्से की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन सीमाओं पर निगरानी के साथ-साथ बल सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करने, सीमा पार अपराधों को रोकने और तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
जितेंद्र बहादुर सिंह