सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता से पहले ही वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने के विवाद पर 29 अगस्त को निर्णय आएगा. राउज एवेन्यू स्थित विशेष कोर्ट ने नई तारीख तय की है.
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ 1983 में भारतीय नागरिकता मिलने से पहले (1980 में) मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर 13 अगस्त 2026 को आदेश सुनाए जाने की तारीख तय की थी.
हालांकि, विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने का तबादला होने के कारण 13 अगस्त को इस मामले में आदेश टाल दिया गया है. शिकायतकर्ता वकील विकास त्रिपाठी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल की थी, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर की मांग खारिज कर दी गई थी.
यह भी पढ़ें: सपा सांसदों ने संसद सत्र के दौरान जुटाए ₹2.15 लाख, CP के हनुमान मंदिर में किए दान
याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी को 30 अप्रैल 1983 को आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिकता मिली थी, लेकिन उससे पहले ही वर्ष 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज था.
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और निर्णय सुनाने के लिए 13 अगस्त की तारीख तय की थी. जज के उपलब्ध न होने के कारण इसे पखवाड़े भर यानी 29 अगस्त तक टाल दिया गया है.
संजय शर्मा