सावन के पहले सोमवार के अवसर पर देशभर में शिवभक्ति की गूंज सुनाई दे रही है. गुजरात में अरब सागर की लहरों के बीच स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ से लेकर मोक्षदायिनी नगरी काशी के काशी विश्वनाथ मंदिर तक, हर तरफ आस्था का माहौल है. सुबह से ही शिवभक्त मंदिरों में पहुंच रहे हैं.
श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं, फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और सावन के पहले सोमवार पर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं.
सावन के अवसर पर श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान विश्वेश्वर की मंगला आरती में शामिल हो रहे हैं. ओडिशा के पुरी में भी पूजा-अर्चना करने के लिए लोकनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है.
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चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए लगी रहीं. मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठा.
सनातन परंपरा में सावन का महीना और विशेष रूप से इसका पहला सोमवार अत्यंत पावन माना गया है. शास्त्रों के मुताबिक सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि इसी महीने में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी.
झारखंड के देवघर में सावन महीने के पहले सोमवार के मौके पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है. इस बीच, देवघर के SP प्रवीण पुष्कर ने कहा हे कि आज सावन के पवित्र महीने का पहला सोमवार है और हमने उसी के अनुसार तैयारियां की हैं. यहां लगभग 2 से 3 लाख लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद है. हम रात से ही ड्यूटी पर हैं और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के सभी सदस्य और अन्य जवान अपनी-अपनी जगहों पर तैनात हैं.
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