NEET पेपर लीक को लेकर हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान कथित रूप से घायल हुई 21 वर्षीय छात्रा की सेहत में अब सुधार हो रहा है. दिल्ली के अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने शनिवार को हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि छात्रा की हालत अब पहले से बेहतर है.
अस्पताल के मुताबिक, छात्रा को करीब 72 घंटे पहले वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था. अब वह बिना किसी मशीन की मदद के सामान्य रूप से सांस ले रही हैं. डॉक्टरों ने बताया कि वह पूरी तरह होश में हैं, सतर्क हैं और निर्देशों का सही तरीके से पालन कर रही हैं.
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हेल्थ बुलेटिन में कहा गया है कि पिछले 24 घंटे के दौरान छात्रा को मुंह के जरिए भोजन देना शुरू किया गया है. वह भोजन को अच्छी तरह सहन कर रही हैं, जो उनके स्वास्थ्य में सुधार का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
छात्रा की रिकवरी की निगरानी कर रही डॉक्टर की टीम
अस्पताल ने बताया कि फिलहाल छात्रा की क्लीनिकल स्थिति स्थिर बनी हुई है. हालांकि, उन्हें अभी भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में रखा गया है और उनका इलाज लगातार जारी है. डॉक्टर उनकी रिकवरी पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
20 जुलाई के संसद मार्च में छात्रों पर हुआ था लाठीचार्ज
गौरतलब है कि 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद कई छात्रों और छात्राओं के घायल होने का दावा किया गया था. इन्हीं में 21 वर्षीय यह छात्रा भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं, जिन्हें इलाज के लिए RML अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था.
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इस बीच छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं, अस्पताल के ताजा हेल्थ बुलेटिन से छात्रा की हालत में सुधार की पुष्टि होने के बाद उनके परिवार और आंदोलन से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है.
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