ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की टनल निर्माण से बीते दिनों अटाली गांव की कई कृषिभूमि और घर खतरे की जद मे आ गए थे. भू धसांव से लेकर ग्रामीणों के घर फट गए हैं. इसको लेकर रेल विकास निगम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया की सुरंग निर्माण से आ रही दरारें अब काबू मे हैं, लेकिन हाल ही मे सुरंग खोदाई के बाद व्यासी व कौड़ियाला के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रामीणों के घरों में आई दरारों का रेल विकास निगम, रुड़की आईआईटी के एक्सपर्ट और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया है.
बताया जा रहा है कि उक्त टीम भू धसांव का गहन रिसर्च करने के बाद इसकी रिपोर्ट सप्ताहभर में प्रदेश की सरकार को सौंपेगी. उल्लेखनीय है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट के तहत शिवपुरी, व्यासी और कौड़ियाला के मध्य टनल निर्माण कार्य जारी है.
सुरंगों के निर्माण मे हो रही ब्लास्टिंग से आसपास के क्षेत्रों मे भू धसांव की शिकायत आई थी, जिसके बाद रेल विकास निगम ने बाकायदा प्रेस को यह जानकारी दी थी कि रेल निर्माण से किसी भी प्रकार से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है. निगम ने कहा था कि स्थिति अब नियंत्रण मे आ चुकी है.
लेकिन खतरे की जद मे आ चुके अटाली गांव के बाद प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ने लगी और नरेंद्रनगर के बल्याखन गांव में भी लगभग 24 से अधिक परिवारों के घरों मे भी दरारे आने लगी. बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने ज़ब इस बाबत आवाज़ उठाई तो शासन ने दरार आने का कारण जानने के लिए एक एक्सपर्ट टीम का गठन किया उक्त टीम ने हाल ही मे बल्याखन, लोड़सी,ब्यासी,कौडियाला क्षेत्र में आई दरारों व भूधसाव का अध्ययन किया है,जिसकी रिपोर्ट शासन को एक सप्ताह मे सौप दी जाएगी. बताया जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर ही स्थानीय लोगों के विस्थापन और मुआवजे पर मंथन किया जायेगा.
रेल विकास निगम परियोजना प्रबंधक अजीत सिंह यादव ने बताया कि शासन के आदेश पर स्टेट की एक्सपर्ट टीम सर्वें रिपोर्ट तैयार कर रही है,टीम मे काबिल लोग लगे हैं जो पता लगाएंगे की दरारों की मुख्य वजह क़्या है और आने वाले समस्य मे यह कितने नुकसान दायक हैं, उन्होंने यह भी बताया कि सर्वें रिपोर्ट को वही टीम तैयार कर रही है जिन्होंने नोएडा मे ट्विन टावर को ध्वस्त करने मे अपनी अहम भूमिका निभाई थी. रिपोर्ट को शासन को जल्द सौप दी जाएगी.
अंकित शर्मा