हिंदू धर्म, अग्निवीर, मणिपुर और NEET... मोदी सरकार पर बरसे राहुल गांधी, पढ़ें किस मुद्दे पर क्या कहा

राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान भगवान शंकर की तस्वीर लहराई. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने उनको टोकते हुए नियम पुस्तिका निकाल ली. राहुल गांधी ने कहा कि सदन में हम शिवजी की तस्वीर भी नहीं दिखा सकते, आप मुझे रोक रहे हैं. मेरे पास और भी तस्वीरें थीं जिन्हें दिखाना चाहते थे और बताना चाहते थे कि शिवजी ने किस तरह से रक्षा की.

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राहुल गांधी राहुल गांधी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 9:04 AM IST

संसद में सोमवार को विपक्ष के नेता के तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पहला भाषण दिया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने भगवान शिव की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि शिवजी कहते हैं कि डरो मत, डराओ मत. उन्होंने इसके साथ ही इस्लाम से लेकर ईसाई धर्म और सिख धर्म तक का हवाला दिया.

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राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि हमारे कुछ नेता जेल में हैं. इनमे से एक को रिहा कर दिया गया है. लोगों को डराया और धमकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ईडी की 55 घंटे की पूछताछ का मैंने आनंद लिया है. इस पूछताछ के अंत में जब अधिकारी ने कैमरा बंद किया तो उन्होंने मुझसे पूछा कि आप 55 घंटे से बैठे हो, आप पत्थर जैसे हो, हिलते क्यों नहीं. राहुल गांधी ने कहा कि हमने आइडिया ऑफ इंडिया का बचाव किया है. 

जब राहुल ने सदन में दिखाई भगवान शिवजी की तस्वीर

राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान भगवान शंकर की तस्वीर दिखाई. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने उनको टोकते हुए नियम पुस्तिका निकाल ली. राहुल गांधी ने कहा कि सदन में हम शिवजी की तस्वीर भी नहीं दिखा सकते, आप मुझे रोक रहे हैं. मेरे पास और भी तस्वीरें थीं जिन्हें दिखाना चाहते थे और बताना चाहते थे कि शिवजी ने किस तरह से रक्षा की.

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इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आपके सदस्यगण 352 का नियम बता रहे थे. आपने कहा कि इस नियम प्रक्रिया से सदन चलना चाहिए. ऐसे में कोई भी प्लेकार्ड या चिह्न सदन में नहीं दिखाया जा सकता. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि क्या इस सदन में शिवजी का चित्र दिखाना मना है? यहां पर दूसरा चित्र दिखाया जा सकता है, शिवजी का चित्र नहीं दिखा सकते हैं?

राहुल गांधी ने भगवान शिव को अपने लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनसे विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष की प्रेरणा मिली. उनके बाएं हाथ में त्रिशूल का मतलब अहिंसा है. हमने सच की रक्षा की है. हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि सत्य के साथ खड़ा होना चाहिए. सत्य से पीछे नहीं हटना चाहिए, अहिंसा हमारा प्रतीक है. भगवान शंकर हमारे लिए प्रेरणा हैं. शिवजी का त्रिशूल अहिंसा का प्रतीक है. हम बिना हिंसा सच की रक्षा करते हैं. ये देश डर का नहीं है. ये देश अहिंसा का देश है. हम लोग अहिंसावादी हैं. 

राहुल गांधी ने इस दौरान गुरुनानक जी के चित्र में भी अभय मुद्रा दिखती है. गुरुनानक जी कहते हैं कि डरो मत, डराओ मत. और पंजाब से गुरुनानक जी मक्का तक गए, थाईलैंड तक गए, अफगानिस्तान गए, श्रीलंका गए, किसी से हिंसा नहीं की, अहिंसा की बात की, सत्य की बात की और किसी को उन्होंने अपनी जिंदगी में नहीं डराया. राहुल ने कहा कि इस्लाम में दुआ मांगी जाती है तो दोनों हाथ से दाएं हाथ से अभय मुद्रा दिखाई देती है.

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उन्होंने कहा कि जीसस क्राइस्ट की तस्वीर में भी अभय मुद्रा दिखाई देगी. जीसस क्राइस्ट ने कहा कि कोई थप्पड़ मारता है तो दूसरा गाल दिखा दो. राहुल ने बुद्ध भगवान और भगवान महावीर का भी जिक्र किया. 

अभय मुद्रा में है कांग्रेस!

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुझ पर फर्जी मुकदमे लगा दिए गए हैं. मुझसे ईडी ने पूछताछ की, अफसर भी हैरान थे. इंडिया ब्लॉक के नेताओं को जेल में रखा है. ओबीसी-एससी-एसटी की बात करने वालों पर मुकदमे किए जा रहे हैं. राहुल गांधी ने भगवान शिव की अभय मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अभय मुद्रा में है. उन्होंने अलग-अलग धर्मों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें भी अभय मुद्रा दिखाई देती है.

उन्होंने कहा कि हमारे सब महापुरुषों ने अहिंसा की बात की है कि डरो मत, डराओ मत. शिवजी अभय मुद्रा दिखाते हैं, अहिंसा की बात करते हैं. जो लोग अपने आप को हिंदू कहते हैं, वो 24 घंटे हिंसा, नफरत, असत्य की बात करते हैं. 

राहुल गांधी के हिंदू वाले बयान पर सदन में हंगामा

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने अपने भाषण में एक दिन कहा कि हिंदुस्तान ने कभी किसी पर हमला नहीं किया. इसका कारण है. हिंदुस्तान अहिंसा का देश है, यह डरता नहीं है. हमारे महापुरुषों ने यह संदेश दिया- डरो मत, डराओ मत. शिवजी कहते हैं- डरो मत, डराओ मत और त्रिशूल को जमीन में गाड़ देते हैं. दूसरी तरफ जो लोग अपने आपको हिंदू कहते हैं वो 24 घंटे हिंसा-हिंसा-हिंसा, नफरत-नफरत-नफरत. आप हिंदू हो ही नहीं. हिंदू धर्म में साफ लिखा है सच का साथ देना चाहिए.

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राहुल गांधी के संबोधन के बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े हो गए. पीएम मोदी ने कहा कि ये विषय बहुत गंभीर है. हिंदू को हिंसक कहना गलत है. 

राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. पीएम मोदी ने अपने आसन पर खड़े होकर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये बेहद गंभीर विषय है. पीएम मोदी ने कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना गंभीर बात है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी पूरा हिंदू समाज नहीं है.

राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं है, नरेंद्र मोदी पूरा हिंदू समाज नहीं है. हिंदू का मतलब आरएसएस-बीजेपी नहीं है. यहां सब हिंदू हैं. 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा, उन्हें इसकी माफी मांगनी चाहिए. इस धर्म पर करोड़ों लोग गर्व से हिंदू कहते हैं. मैं उनको गुजारिश करता हूं कि इस्लाम में अभय मुद्रा पर एक बार वो इस्लामिक विद्वानों की राय वो ले लें.

राहुल गांधी ने फिर उठाया माइक बंद होने का मुद्दा

राहुल गांधी ने अपने संबोधन के बीच एक बार फिर माइक बंद होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि माइक दीजिए सर. उन्होंने ये सवाल उठाया कि माइक का कंट्रोल किसके पास है सर? इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन में एक व्यवस्था होती है. जब आसन की ओर से किसी व्यक्ति को बोलने के लिए कहा जाता है तब उसका माइक शुरू किया जाता है. आपका माइक बंद नहीं किया जाता. राहुल ने कहा कि मेरे भाषण के बीच में माइक ऑफ हो जाता है, मैं क्या करूं?

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राम भगवान की जन्मभूमि ने BJP को संदेश दिया

राहुल गांधी ने कहा कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या ने बीजेपी को मैसेज दिया है. अवधेश पासी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ये मैसेज आपके सामने बैठे हुए हैं. मैंने कल कॉफी पीते हुए इनसे पूछा कि हुआ क्या. आपको कब पता लगा कि आप अयोध्या में जीत रहे हो? इन्होंने कहा कि पहले दिन से पता था. अयोध्या में एयरपोर्ट बना, जमीन छिनी गई और आज तक मुआवजा नहीं मिला है. जो भी छोटे-छोटे दुकानदार थे, छोटी-छोटी बिल्डिंग्स थी, सबको गिरा दिया गया और उन लोगों को सड़क पर कर दिया गया. अयोध्या के इनोग्रेशन में अयोध्या की जनता को बहुत दुख हुआ. अंबानी जी थे, अडानी जी थे, लेकिन अयोध्या का कोई नहीं था. अयोध्या की जनता के दिल में नरेंद्र मोदीजी ने भय पैदा किया. उनकी जमीन ले ली, घर गिरा दिए लेकिन इनोग्रेशन तो छोड़ो उसके बाहर तक नहीं जाने दिया. इन्होंने मुझे एक और बात बोली कि दो बार नरेंद्र मोदी ने टेस्ट किया कि क्या मैं अयोध्या में लड़ जाऊं. सर्वेयर्स ने कहा कि अयोध्या में मत जाना, वहां की जनता हरा देगी इसलिए पीएम वाराणसी गए और वहां से बचकर निकले.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदीजी अयोध्या के लोगों की छोड़ो, बीजेपी वालों को डराते हैं. राजनाथ और गडकरी जी इनके सामने नमस्ते तक नहीं करते.

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अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूर हैं- राहुल गांधी

लोकसभा में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना का भी हवाला दिया. उन्होंने कहा कि मैं अग्निवीर के परिवार से मिला हूं. केंद्र सरकार अग्निवीर को शहीद का दर्जा नहीं देती है. अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूर हैं. इस योजान को लेकर जवानों के मन में भय है. मोदी जी इन जवानों को शहीद नहीं मानती है. 

राहुल ने कहा कि अग्निवीर जवानों को सिर्फ छह महीने की ट्रेनिंग देती है. इस योजना से जवानों में भय है. अग्निवीर की सच्चाई सेना जानती है. हमारी सरकार आएगी तो हम अग्निवीर को हटा देंगे.

इस बीच अग्निवीर योजना को लेकर सदन में हंगामा हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीच में उठते हुए कहा कि अग्ननिवीर योजना को लेकर सदन में गलतबयानी की जा रही है. शहीद अग्निवीर को लेकर एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलता है. सदन को गुमराह किया जा रहा है. 

प्रधानमंत्री के लिए मणिपुर राज्य नहीं है- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए मणिपुर स्टेट ही नहीं है. प्रधानमंत्री जी मणिपुर नहीं गए. मणिपुर को आपने हिंसा में जला दिया. आपने मणिपुर को गृहयुद्ध में जला दिया. मणिपुर पर आपको शर्म आनी चाहिए.  ना प्रधानमंत्री गए और ना ही गृहमंत्री गए. 

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अरबपतियों की मदद के लिए नोटबंदी की

राहुल गांधी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने अरबपतियों की मदद के लिए जीएसटी और नोटबंदी की. पीएम मोदी ने अरबपतियों की मदद की. गलत जीएसटी की. इस बार आपको गुजरात में हराएंगे. इंडिया गठबंधन आपको हराएगा. 

राहुल ने कहा कि ये मैं नहीं कह रहा हूं, ये पीएम मोदी ने कहा था कि वो बायोलॉजिकल नहीं हैं. उन्हें भगवान की ओर से डायरेक्ट मैसेज आया था कि नोटबंदी करो. भगवान से डायरेक्ट मैसेज आया था. भगवान से खटाखट ऑर्डर आते हैं. नोटबंदी का आदेश भी ऊपर से आया था. 

आप किसानों को आतंकी कहते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों के लिए हमने सही मुआवजा दिलाने के लिए जो भूमि अधिग्रहण बिल तैयार किया था, उसे आपने रद्द कर दिया. सत्ता पक्ष की ओर से ऑथेंटिकेट करने की मांग पर राहुल ने कहा कि कर देंगे ऑथेंटिकेट.

उन्होंने कहा कि किसानों को डराने के लिए तीन नए कानून लाए. प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आपके फायदे के कानून हैं. सच्चाई थी कि ये अंबानी-अडानी के फायदे के कानून थे. किसान सड़क पर आ गए. आप किसानों से बात तक नहीं करते. आप गले नहीं लगते, आप उन्हें आतंकी कहते हो. आप कहते हो ये सब आतंकी हैं. इस पर अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वे इसे ऑथेंटिकेट करें. आप नियमों के परे जाकर उन्हें रियायत दे रहे हो, ऐसे नहीं चल सकता. राहुल गांधी ने कहा कि हमने किसानों के लिए सदन में मौन की बात की, आपने वो भी नहीं किया.

राहुल गांधी ने कहा कि किसानों ने ये कहा कि 16 लाख करोड़ उद्योगपतियों का कर्जा माफ हो सकता है तो हमारा भी थोड़ा सा कर दीजिए. किसान ने एमएसपी मांगा. आपने कहा क्या? आपने कहा कि आपको ये नहीं मिलेगी. इस पर सरकार की ओर से शिवराज सिंह चौहान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ये गलतबयानी कर रहे हैं. एमएसपी पर खरीद जारी है. उनकी सरकार थी तब बताएं कि एमएसपी पर कितनी खरीद होती थी. ये सत्यापित करें कि एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि एमएसपी विद लीगल गारंटी सर, नॉट जस्ट एमएसपी.

NEET पर भी राहुल ने सरकार को घेरा

इसके बाद राहुल गांधी NEET के मुद्दे पर आ गए और परीक्षा एजेंसी को घेरते हुए सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इतने सालों में कितनी बार परीक्षाओं में पेपर लीक हुए हैं. परीक्षा की मर्यादा खत्म हो गई है. सात साल में 70 बार पेपर लीक हुए हैं. परीक्षा के माहौल में भी भय पैदा कर दिया है. उन्होंने कहा कि नीट के बाद छात्रों का भरोसा खत्म हो गया है. छात्रों को परीक्षा पर भरोसा नहीं रहा. छात्र सोचते हैं कि पास भी हुए तो पैसा कहां से आए. छात्र महीनों तक नीट की तैयारी करते हैं और फिर परीक्षा देने जाते हैं तो पता चलता है पेपर लीक हो गया.

राहुल और स्पीकर के बीच हुई नोकझोक!

राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला पर सदन में तीखी टिप्पणी की. उन्होंने अंग्रेजी में अपने भाषण में कहा कि स्पीकर ओम बिरला जब उनसे मिले तो उन्होंने सीधे खड़े होकर, हाथ आगे बढ़ाकर हाथ मिलाया. साथ ही आगे कहा कि लेकिन जब 'स्पीकर सर' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तो उनके साथ उन्होंने झुककर हाथ मिलाया.

राहुल गांधी की इस तीखी टिप्पणी के बाद पूरे सदन में हंगामा मच गया. विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी का समर्थन किया. लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब भी दिया. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन के नेता हैं. मेरी संस्कृति कहती है कि जो हमसे बड़े हैं, उनको झुककर नमस्कार करो और बराबर वालों से बराबर का व्यवहार करो.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, सदन की कुर्सी पर दो लोग बैठे हैं. एक स्पीकर और एक ओम बिरला. जब मोदी जी और मैं आपसे हाथ मिलाने गए तो मैंने कुछ नोटिस किया. जब मैं आपसे हाथ मिलाने गया तो आपने मेरे से साथ सीधे खड़े होकर हाथ मिलाया, लेकिन जब मोदी जी आपसे हाथ मिलाने गए तो आप उनके सामने झुक गए और फिर हाथ मिलाए.

लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी की टिप्पणी के जवाब में कहा, मेरी संस्कृति, संस्कार ये कहते हैं - व्यक्तिगत जीवन में, सार्वजनिक जीवन में और इस आसन पर भी कि जो हमसे बड़े हैं उनसे झुककर और आवश्यक हो तो पैर छूकर नमस्कार करो. बराबर वालों से या उम्र से छोटे से बराबर का व्यवहार करो. यही मैंने सीखा है. मैं इसी संस्कार का पालन करता हूं.

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