लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार शाम इंडिया गेट पहुंचे. इस दौरान वह उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के परिवार की ओर से हो रहे धरने में शामिल हुए.
अंकिता भंडारी मर्डर केस साल 2022 में उत्तराखंड में हुआ था. अंकिता भंडारी का परिवार दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध कर रहा है. यही विरोध दर्ज कराने परिवार बुधवार को इंडिया गेट पहुंचा था. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शाम को इंडिया गेट पहुंचे और परिवार के साथ ही बैठ गए.
इंडिया गेट पर क्या कुछ हो रहा है, यहां देखिए LIVE Updates...
शाम 9.00 बजे- अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात करके राहुल गांधी इंडिया गेट से लौट चुके हैं
क्या बोलीं अंकिता भंडारी की मां?
अंकिता भंडारी की मां ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की खबर पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा, '12 तारीख को जब हमें पता चला कि दुष्यंत कुमार गौतम का नाम राज्यपाल पद के लिए सामने आया है, तो हमें बहुत दुख हुआ.'
सोनी देवी ने कहा, 'मैं माननीय राष्ट्रपति से अपील करती हूं कि वह खुद एक महिला हैं और निश्चित रूप से मेरी भावनाओं को समझेंगी. जब तक दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ CBI जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें राज्यपाल नियुक्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए.'
शाम 8.08 बजे- अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उनके पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है 'दुष्यंत कुमार को सलाखों के पीछे होना चाहिए. मैं माननीय राष्ट्रपति से विनम्र अनुरोध करता हूं कि जब तक CBI की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार को राज्यपाल नियुक्त न किया जाए.'
शाम- 8.05 बजे- धरना स्थल पर पुलिस भी पहुंच गई है. प्रदर्शन स्थल पर पुलिस ने अनाउंसमेंट कर बताया कि इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है.
शाम 7.56 बजे- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंच गए. वह अंकिता भंडारी के परिवार के साथ ही बैठ गए और उनसे बात कर रहे हैं.
शाम 7.45 बजे- राहुल गांधी के इंडिया गेट पहुंचने की जानकारी आई.
शाम 7.35 बजे- अंकिता भंडारी के परिवार के इंडिया गेट पर बैठने की खबर सामने आई.
बता दें कि कांग्रेस नए बनाए गए राज्यपालों की सूची में दुष्यंत गौतम का नाम होने के बाद से विरोध कर रही है, इस मामले में स्थानीय स्तर पर भी कांग्रेस नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ये मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP के मुद्दे से जुड़ा हुआ है.
इससे उत्तराखंड की राजनीति में नया भूचाल आ गया है. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल मंगलवार को देहरादून के गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास पर बैठे थे.
गणेश गोदियाल ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित VIP के मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए. कांग्रेस ने सवाल किया है कि मामले से जुड़े सवालों का समाधान किए बिना दुष्यंत गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने का निर्णय क्यों लिया गया.
कांग्रेस ने इस मुद्दे को महिला सुरक्षा, न्याय और उत्तराखंड की जनभावनाओं से जोड़ते हुए सरकार के फैसले का विरोध किया है. गांधी पार्क में गोदियाल का उपवास इसी विरोध का हिस्सा है.
उत्तराखंड सरकार का दावा, मामले में त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी की
उधर, विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर मामले में त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी करने का दावा किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सरकार ने आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर जांच और अभियोजन तक विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए.
सरकार के मुताबिक, मामला सामने आने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. एसआईटी ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया.
तीन आरोपियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि मामले में अभियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और अदालत में आरोपियों के खिलाफ पैरवी की गई. इसके अलावा आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई.
सरकार ने कहा कि इस मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सरकार ने जांच और कानूनी प्रक्रिया के हर स्तर पर आवश्यक कदम उठाए.
राहुल गौतम