प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जाएंगे भोपाल, राष्ट्र को समर्पित करेंगे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन

PM मोदी सोमवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस समारोह में जनजातियों के विकास और कल्याण के कार्यक्रमों का शुभारंभ करेंगे.

Advertisement
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST
  • पहले हबीबगंज था कमलापति रेलवे स्टेशन का नाम
  • रेलवे स्टेशन का नाम बदला गया, आज पीएम करेंगे समर्पित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (आज) को भोपाल दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (पहले हबीबगंज स्टेशन) राष्ट्र को समर्पित करेंगे. साथ ही वह बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में जनजातियों के विकास और कल्याण के लिए आरंभ किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ करेंगे.

सभी कार्यक्रमों को लेकर पीएम मोदी ने ट्वीट भी किया है. उन्होंने लिखा, '15 नवंबर को दोपहर 3 बजे पुनर्विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा. रेलवे क्षेत्र से संबंधित अन्य चीजों का भी उद्घाटन किया जाएगा जिससे मध्य प्रदेश के लोगों को लाभ होगा.'

Advertisement

बता दें, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का पहले नाम हबीबगंज स्टेशन था. इस नाम को हाल ही में बदला गया है. यह देश का पहला विश्व स्तरीय माडल स्टेशन है और इसमें सभी सुविधाएं हैं जो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उपलब्ध हैं. स्टेशन परियोजना की कुल लागत लगभग 450 करोड़ रुपये है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यक्रम को लेकर ट्वीट किया, 'भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर कल देश एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा. मैं सुबह 9:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन करूंगा.'

Advertisement

वहीं एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा, 'दोपहर 1 बजे भोपाल में मुझे ‘जनजातीय गौरव दिवस महासम्मेलन’ में भाग लेने का सुअवसर प्राप्त होगा. इस दौरान ‘राशन आपके ग्राम’ योजना के शुभारंभ और 50 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला रखने के साथ कई अन्य पहल की भी शुरुआत की जाएगी.'

कौन थे बिरसा मुंडा?

दरअसल, 15 नवंबर को महान आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती है. आदिवासियों के महानायक बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर को 1875 को झारखंड के खूंटी जिले में आदिवासी परिवार में हुआ था. आदिवासियों के हितों के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने वाले बिरसा मुंडा ने आदिवासियों में नई चेतना जगाने का भी काम किया था. उनके योगदान के चलते ही देश की संसद के संग्रहालय में भी उनकी तस्वीर है. जनजातीय समुदाय में यह सम्मान अभी तक बिरसा मुंडा को ही हासिल हुआ है.

Advertisement

बिरसा मुंडा ने साल 1895 में अपना नया धर्म शुरू किया, जिसे बिरसाइत कहा जाता है. इतना ही नहीं इस नए धर्म के प्रचार के लिए बिरसा मुंडा ने 12 शिष्यों को भी नियुक्त किया. आज भी लोग बिरसाइत धर्म को मानते हैं लेकिन इनकी संख्या हजारों में ही है.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »