टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दो दिन पहले ही आरजी कर पीड़िता की मौत के मामले में गड़बड़ी के लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी.
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले पुलिस को आरजी कर की डॉक्टर की मौत मामले में नए सिरे से जांच शुरू करने का आदेश दिया था, क्योंकि उनके माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी सहमति के बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया था. निर्मल घोष को ओडिशा के संबलपुर से गिरफ्तार किया गया है.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया था कि अंतिम संस्कार को लेकर कई सवाल हैं, जैसे संस्कार की फीस माफ किया जाना और परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर दस्तावेजों पर न होना.
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निर्मल घोष के अलावा पानीहाटी नगरपालिका के काउंसलर सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी इस मामले में नामजद किया गया है. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह नया केस सीबीआई की उस जांच से अलग है जो रेप और मर्डर के मूल मामले में चल रही है.
बता दें, 31 साल की पीजी ट्रेनी डॉक्टर 9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार रूम में मृत पाई गई थी. जांच में सामने आया था कि उसके साथ रेप और मर्डर की घटना हुई थी.
पुलिस के अनुसार, शव को पानीहाटी के एक श्मशान घाट ले जाया गया और कतार में लगे दो अन्य शवों को पीछे छोड़ते हुए जल्दी अंतिम संस्कार कर दिया गया.
संस्कार की सहमति से जुड़े दस्तावेजों पर पीड़िता के माता-पिता या परिवार के किसी अन्य सदस्य के बजाय पड़ोसियों के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है. इस मामले में एक व्यक्ति को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, यह मामला अभी कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है.
तपस सेनगुप्ता