राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मार्च 2026 में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार करने के मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है. NIA ने इस साल मार्च में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था.
आरोप है कि वे भारत में वीजा पर आए थे. लेकिन बिना जरूरी अनुमति पत्र के मिजोरम जैसे संरक्षित/प्रतिबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों में दाखिल हुए. फिर अवैध रूप से म्यांमार की सीमा में प्रवेश कर गए.
जांच के अनुसार, इस समूह ने म्यांमार स्थित एथनिक वॉर ग्रुप्स और भारतीय विद्रोही समूहों से जुड़े नेटवर्क से संपर्क साधा. NIA का आरोप है कि ये लोग यूरोप से भारत के रास्ते भारी मात्रा में ड्रोन लाए थे. वो म्यांमार में इन समूहों को सैन्य और ड्रोन प्रशिक्षण दे रहे थे.
क्या है मामला
NIA ने विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. इसमें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों पर गैरकानूनी प्रवेश, आवाजाही और प्रवास से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. इस चार्जशीट में इन विदेशी नागरिकों पर UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं. दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार करने और संज्ञान लेने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है. इस चार्जशीट में एजेंसी ने इनके खिलाफ संगठित अपराध निरोधक कानून यानी UAPA की बजाय फॉरेनर्स एक्ट लगाया है.
UAPA के स्थान पर फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 (अनुमति के बिना संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश) और धारा 23 (नियमों के उल्लंघन पर दंड) के तहत चार्जशीट दर्ज की गई है. क्योंकि मुख्य तात्कालिक आरोप बिना अनुमति मिजोरम के रक्षित क्षेत्रों में जाने और म्यांमार सीमा पार करने से संबंधित हैं. गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों के नाम कामिंस्की विक्टर, हुरबा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टीफंकिव मैरियन और होंचारुक मक्सिम हैं.
जितेंद्र बहादुर सिंह