नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच पश्चिम बंगाल हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और SIR अपीलेट ट्रिब्यूनल के पूर्व प्रमुख जस्टिस वी. शिवज्ञानम के लापता होने की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि वह उन पर्यटक बसों में से एक में यात्रा कर रहे थे, जो बाढ़ के दौरान लापता हो गईं.
अब दिल्ली तमिल लॉयर्स एसोसिएशन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को खुला पत्र लिखकर जस्टिस शिवज्ञानम का पता लगाने के लिए मदद मांगी है. एसोसिएशन ने CJI से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों की सहायता लेने का अनुरोध किया है.
4 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
खुले पत्र में कहा गया है कि बाढ़ की घटना के चार दिन बाद भी पूर्व मुख्य न्यायाधीश का कोई पता नहीं चल पाया है. एसोसिएशन ने सरकारी स्तर पर नेपाल प्रशासन और अन्य एजेंसियों के साथ संपर्क कर उनकी तलाश में मदद की मांग की है.
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
नेपाल में आई भीषण आपदा में मरने वालों की संख्या रविवार तक बढ़कर 781 बताई गई है. वहीं, 2,502 लोग अब भी लापता हैं, जबकि अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, प्रभावित 8 जिलों से शव बरामद किए गए हैं. बचावकर्मी लगातार लापता लोगों की तलाश और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं.
किस जिले से कितने शव मिले?
NDRRMA के आंकड़ों के अनुसार:-
चितवन: 272 शव
नवलपरासी पूर्व: 199 शव
नवलपरासी पश्चिम: 100 शव
गोरखा: 58 शव
नुवाकोट: 52 शव
धादिंग: 50 शव
तनहू: 37 शव
रसुवा: 13 शव
26 अगस्त को आई थी तबाही
बता दें कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद टूटने के बाद 26 अगस्त को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया. इस आपदा ने मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को प्रभावित किया. बाढ़ और मलबे के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा और कई जलविद्युत केंद्र भी प्रभावित हुए.
फिलहाल बचाव और तलाशी अभियान जारी है. वहीं, जस्टिस वी. शिवज्ञानम के लापता होने की खबर के बाद उनकी तलाश को लेकर चिंता बढ़ गई है.
अनीषा माथुर