नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है. गुरुवार रात भारत ने 21.5 टन से ज्यादा जरूरी राहत सामग्री लेकर दो सैन्य विमानों को नेपाल रवाना किया गया. इसमें मेडिकल सप्लाई के साथ फॉरेंसिक किट भी शामिल हैं जो कि नेपाल के लिए भारत की तरफ से छठी खेप है.
बाढ़ से नेपाल में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड के बाद अब तक 1,296 लोगों की मौत हो चुकी हैं, वहीं 4,798 लोग अभी भी लापता हैं. राहत और बचाव टीमों ने 8,127 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है. ऐसे में भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री बचाव और प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने में अहम साबित होगी.
अब तक 74 टन राहत सामग्री पहुंची
भारत की तरफ से नेपाल के लिए अब तक कुल 74 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारत नेपाल को लगातार मानवीय सहायता दे रहा है. नई खेप में मेडिकल सामान और फॉरेंसिक किट भेजे गए हैं, जिससे जारी राहत और बचाव अभियान को और मजबूती मिलेगी.
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बता दें कि भारत ने जरूरी राहत सामग्री के साथ ही मदद के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम भी भेजी है. इसके अलावा खोज और बचाव अभियान में मदद करने के लिए एडवांस उपकरणों के साथ एक तकनीकी टीम भी नेपाल पहुंचाई गई है.
26 अगस्त को पहुंची पहली मदद
नेपाल में 26 अगस्त को फ्लैश फ्लड आने के कुछ ही घंटों बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेजी थी. उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की थी. प्रधानमंत्री ने नेपाल को इस मुश्किल घड़ी में हर संभव मानवीय मदद देने का भरोसा दिया था. इसके बाद से भारत लगातार नेपाल को राहत सामग्री भेज रहा है.
बाढ़ से सड़कों और पुल का टूटा नेटवर्क
नेपाल में बाढ़ से बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ में 35 मोटरेबल पुल, 45 झूला पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें तहस-नहस हुई हैं. वहीं सबसे ज्यादा नुकसान मध्य नेपाल में हुआ है. ऐसे हालात में भारत की लगातार मदद नेपाल में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के साथ-साथ बाढ़ से प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने में मदद कर रही है.
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