तमिलनाडु के 37 तो बंगाल के 32... देखें नेपाल जलप्रलय में किस राज्य के कितने भारतीय लापता

नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा के श्रद्धालु भी हैं. सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पर्यटकों पर पड़ा है, जहां क्रमशः 37 और 32 लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है.

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नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए राज्यों ने खोले कंट्रोल रूम (Photo: PTI) नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए राज्यों ने खोले कंट्रोल रूम (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:52 AM IST

नेपाल में मंगलवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड की वजह से 130 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई श्रद्धालु भी शामिल हैं. सैकड़ों लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं. 

नेपाल के बीच के हिस्सों में आई इस बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है और कई इलाकों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया है. काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ-साथ तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने अपने नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

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सामने आई जानकारी के मुताबिक, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्री थे. संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप होने की वजह से इन लोगों के बारे में सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है.

तमिलनाडु से गए 57 पर्यटकों में से 37 का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है जबकि 20 लोगों से संपर्क हो चुका है. ये सभी हिमालय के एक मंदिर की तरफ जा रहे थे. कोयंबटूर की ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य एक इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद थे और उनका कोई अता-पता नहीं है, हालांकि संस्था के मुताबिक 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं. नेपाल सरकार ने भी बताया कि उस इमिग्रेशन दफ्तर का पूरा स्टाफ भी संपर्क से बाहर है.

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कोलकाता से गए 32 लोगों का एक ग्रुप भी लापता है. यह दल 21 अगस्त को रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था. बुधवार सुबह जब यह टीम रसुवागढ़ी में तिब्बत जाने के लिए इमिग्रेशन दफ्तर में मौजूद थी, तभी बाढ़ आ गई. तब से किसी का कोई संपर्क नहीं हो पाया है. पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए हेल्पलाइन जारी की है.

किसान नेता राकेश टिकैत भी अपने साथियों के साथ नेपाल के पोखरा में फंस गए थे. उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग से लौटना संभव नहीं होने की वजह से वे अब फ्लाइट के जरिए काठमांडू और वहां से दिल्ली लौटेंगे और अपने वाहन वहीं छोड़ देंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नागरिकों के लिए टोल फ्री नंबर 1070 जारी किया है.

महाराष्ट्र के सात पर्यटक भी फंसे हुए थे जिनमें से मुंबई और पुणे के चार लोगों से संपर्क हो चुका है, बाकी तीन से संपर्क करने की कोशिश जारी है. राज्य सरकार ने मंत्रालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया है.

केरलम के 36 पर्यटकों का दल सुरक्षित बताया गया है और प्रभावित इलाकों से दूर है. राज्य ने नोर्का-रूट्स के जरिए हेल्पडेस्क शुरू किया है. सिक्किम, ओडिशा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सरकारों ने भी अपने-अपने हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए लोगों से मदद के लिए संपर्क करने की अपील की है.

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