दुर्गापुर में पंडित नेहरू की मूर्ति फिर से स्थापित, जंगल में मिलने के बाद मचा था सियासी बवाल

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में पंडित जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति को प्राथमिक विद्यालय से हटाकर जंगल में फेंके जाने के विवाद के बाद प्रशासन ने सोमवार को उसे पुनः उसके मूल स्थान पर स्थापित किया.

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पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में जंगल से बरामद हुई थी पूर्व पीएम पंडित नेहरू की मूर्ति पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में जंगल से बरामद हुई थी पूर्व पीएम पंडित नेहरू की मूर्ति

अनिल गिरी

  • कोलकाता,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति को लेकर सामने आए विवाद के बाद प्रशासन ने सोमवार को उसे फिर से उसके मूल स्थान पर स्थापित कर दिया. हर्षवर्धन रोड स्थित एक प्राथमिक विद्यालय परिसर से मूर्ति हटाकर कथित तौर पर जंगल में फेंके जाने के बाद रविवार को इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी.

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जंगल में पड़ी मूर्ति को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बरामद कर साफ किया था और घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया था. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि नेहरू की मूर्ति को स्कूल परिसर से हटाकर जंगल में फेंका गया. हालांकि, मूर्ति किसने और किन परिस्थितियों में हटाई, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

प्रशासन की पहल पर हुई मूर्ति की पुनर्स्थापना

विवाद बढ़ने के बाद सोमवार को प्रशासन की पहल पर पंडित जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति को दोबारा उसके मूल स्थान पर स्थापित किया गया. मूर्ति की पुनर्स्थापना के बाद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहां माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान बीजेपी जिला प्रवक्ता सुमंत मंडल ने घटना को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच अंदरूनी राजनीतिक विवाद का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दुर्गापुर में "गंदी राजनीति" चल रही है और आपसी गुटबाजी के कारण नेहरू की मूर्ति को जंगल में पड़ा रहना पड़ा.

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BJP ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

सुमंत मंडल ने कहा कि इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन बीजेपी की संस्कृति ऐसी घटनाओं की इजाजत नहीं देती. उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से नेहरू की मूर्ति को फिर उसी जगह स्थापित किया गया और बीजेपी की ओर से माल्यार्पण व श्रद्धांजलि दी गई.

बीजेपी नेता ने कहा कि घटना की जांच होनी चाहिए और अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी खड़ी रहेगी.

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की मांग

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल परिसर से नेहरू की मूर्ति किसने हटाई और उसे जंगल में किसने फेंका. घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. प्रशासन की ओर से मूर्ति को दोबारा स्थापित तो कर दिया गया है, लेकिन मूर्ति हटाने की पूरी घटना के पीछे कौन था, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा.

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