पैलेट गन और AK-47... दो तस्वीरें जिन पर पुलिस को अदालत में जवाब देते नहीं बन रहा

नीट पेपर लीक विवाद के बाद दिल्ली और बिहार में छात्रों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन व AK-47 फायरिंग के मामले ने तूल पकड़ लिया है.

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पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों पर एके-47 तानने और पैलेट गन चलाए जाने के मामले में पुलिस घिरती दिख रही है पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों पर एके-47 तानने और पैलेट गन चलाए जाने के मामले में पुलिस घिरती दिख रही है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST

नीट पेपर लीक विवाद, इसे लेकर CJP और छात्रों का प्रदर्शन और जंतर-मंतर समेत देशभर में हुए हंगामे लगभग डेढ़ महीने बाद भले ही थमे हुए दिख रहे हों, लेकिन इस दौरान हुई घटनाएं नए विवाद पैदा कर रही हैं.

इसमें पुलिस की कार्रवाई सबसे अधिक चर्चा में है. जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने का मामला तो सुर्खियों में है ही, इस बीच दो और तस्वीरें ऐसी हैं, जिनके बिनाह पर पुलिस का एक्शन सवालों के घेरे में हैं. इसके साथ ही इन दोनों तस्वीरों के कारण छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, पुलिस के लिए कोर्ट में उनका जवाब देना मुश्किल हो रहा है.

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पैलेट गन और AK-47 पर घिर रही पुलिस

असल में प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों पर 'पैलेट गन'  से फायर करने की जानकारी सामने आई थी. इसे लेकर दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के कई सांसद इस पर सवाल उठा चुके हैं. वहीं बिहार के सीवान में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 ताने जाने का वीडियो भी वायरल है और ये मामला भी तूल पकड़ रहा है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. यही दोनों मामले पुलिस के लिए 'सिरदर्द' साबित हो रहे हैं.

सामने आया है कि राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है. इसमें आरोप लगाया गया है कि बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया. साथ ही 20 जुलाई से शुरू हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित अत्यधिक पुलिस बल प्रयोग के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

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AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले जवान के खिलाफ एक्शन

बता दें कि, नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को बिहार बंद के दौरान हुए उग्र प्रदर्शन के बीच सीवान में AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित किया जा चुका है. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई करते हुए जवान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. जवान की पहचान एसआईटी टीम में तैनात अभिषेक पटेल के रूप में हुई है.

वीडियो वायरल होने के बाद इस कार्रवाई पर सवाल उठे, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई. प्रारंभिक जांच में जवान की पहचान अभिषेक पटेल के रूप में होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराई जा रही है. यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका भी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. 


वहीं, राजधानी दिल्ली में प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग का मामला भी तूल पकड़ रहा है. इस मामले में भी जांच की बात कही जा रही है. सूत्रों के मुताबिक RAF जवान ने पैलेट गन चलाई थी. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर सीआरपीएफ (CRPF) ने अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है. सूत्रों का कहना है कि बल इस मामले में विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसमें RAF की कार्रवाई और पूरे ऑपरेशन की समीक्षा की जाएगी. 

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CRPF तैयार कर रहा है रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के एक जवान द्वारा पेलेट राउंड चलाए जाने की जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, पेलेट राउंड जमीन पर टकराकर बिखरे, जिससे कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर सीआरपीएफ (CRPF) ने अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है. 


राहुल गांधी ने उठाए थे पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल

बता दें कि दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बीती 25 जुलाई को पत्र लिखा था. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध बल प्रयोग किया और पूरे मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

25 जुलाई 2026 को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि छात्र निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर कथित तौर पर घातक हथियारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में सैकड़ों छात्र घायल हुए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया.

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राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में पैलेट गन के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया. उन्होंने लिखा कि मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आए वीडियो गंभीर चोटों की ओर इशारा करते हैं. उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोछाब का जिक्र करते हुए कहा कि वह गंभीर रूप से घायल है और उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा बताया जा रहा है. उन्होंने एक घायल पत्रकार का भी जिक्र किया.

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