मध्य भारत और बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते देश के मध्य, पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक डॉ. शशि कांत के मुताबिक, ये सिस्टम 13 अगस्त के आसपास कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकते हैं. इनके प्रभाव से राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, जबकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश का अनुमान है.
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले सप्ताह बारिश तेज हो सकती है. दक्षिण भारत में फिलहाल भारी बारिश की संभावना कम है. डॉ. कांत के अनुसार, मध्य भारत के ऊपर बन रहे सिनॉप्टिक सिस्टम बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं. वहीं, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है.
दिल्ली-NCR में 14 अगस्त तक बारिश
दिल्ली-NCR में 14 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है. IMD के मुताबिक, 13 अगस्त को भी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने और सुबह से शाम के बीच हल्की बारिश के एक-दो दौर की संभावना है. अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. 14 अगस्त को बारिश की गतिविधि फिर बढ़ सकती है और कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 34 से 35 और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.
उत्तर प्रदेश में 13 अगस्त से तेज होगा मॉनसून
मध्य और पूर्वी भारत में कई कम दबाव वाले सिस्टम बनने के कारण आने वाले दिनों में बारिश का फोकस इन्हीं क्षेत्रों में रहने की संभावना है. उत्तर प्रदेश में 13 से 18 अगस्त के बीच मॉनसून की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है. इस दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है. बारिश का नया दौर 13 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर 14 अगस्त तक मध्य और उससे सटे पश्चिमी हिस्सों तक फैल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय दूसरा सिस्टम मॉनसून ट्रफ को प्रभावित कर रहे हैं.
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सिस्टम मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल सकता है और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट को पार कर सकता है. इसके साथ मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश में मॉनसूनी प्रवाह मजबूत होगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 13 अगस्त को बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. पूर्वी हिस्सों में कुछ जगह भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है. लखनऊ में 13 अगस्त को शाम या रात तक हल्की बारिश हो सकती है.
मध्य भारत में बारिश का अलर्ट जारी
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 18 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 15-16 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 13-14 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 13 अगस्त और फिर 16-17 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.
महाराष्ट्र-गुजरात में भी भारी बारिश
पश्चिमी भारत में भी 13 अगस्त को बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. कोंकण और गोवा में 13 से 18 अगस्त तक कई इलाकों में व्यापक बारिश हो सकती है. वहीं, मध्य महाराष्ट्र में 13-14 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है. कोंकण और गोवा में 13 से 15 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में 13 अगस्त और फिर 15-16 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. गुजरात क्षेत्र में 13 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है. विदर्भ में 13-17 अगस्त के दौरान भारी बारिश की उम्मीद है, जबकि 13-16 अगस्त के बीच आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है.
हिमाचल में बारिश से 313 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने जनजीवन और जरूरी सेवाओं को प्रभावित किया है. राज्य में बुधवार दोपहर तक 313 सड़कें, 65 जलापूर्ति योजनाएं और 112 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए. सबसे ज्यादा 117 सड़कें मंडी में बंद रहीं. चंबा में 74, कुल्लू में 60, शिमला में 36 और सिरमौर में 13 सड़कें बंद हैं. धौलाकुआं में सबसे ज्यादा 80.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. जट्टन बैराज में 67 मिमी, धर्मशाला में 57.2 मिमी, पालमपुर में 54.6 मिमी और पांवटा साहिब में 50.8 मिमी बारिश हुई.
मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. 1 से 12 अगस्त के बीच राज्य में 103.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 116 मिमी से 11 फीसदी कम है. अधिकारियों के मुताबिक, 30 जून को मॉनसून शुरू होने के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 70 लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य को करीब 910 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है.
ओडिशा में 17 अगस्त तक बारिश का अनुमान
ओडिशा हाल की बाढ़ से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है. राज्य के 23 जिलों में करीब 8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे. इसी बीच बंगाल की खाड़ी में एक नए कम दबाव वाले क्षेत्र के बनने की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है. आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के प्रभाव से 13 अगस्त तक कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश और 14 से 17 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
भुवनेश्वर मौसम केंद्र की निदेशक मनोरमा महांती के मुताबिक, राज्य में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की आशंका है. मौसम विभाग ने मछुआरों को 15 अगस्त तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. बारिश के साथ बाढ़, नदी तटबंध टूटने, शहरी जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है.
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 18 अगस्त के दौरान कई इलाकों में व्यापक बारिश हो सकती है. 13-14 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है. वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने 15 से 18 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की भी चेतावनी दी है.
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मॉनसून एक्टिव
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है. तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 13 से 18 अगस्त तक कई इलाकों में व्यापक बारिश हो सकती है. उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 13 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है. तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है. वहीं, केरल और माहे में 13-14 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 13-14 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.
दक्षिण भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13 अगस्त को हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 अगस्त तक इसी तरह की स्थिति रहने की संभावना है. तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13 अगस्त को तेज सतही हवाएं चल सकती हैं.
अनमोल नाथ