मणिपुर: चुराचांदपुर हिंसा मामले में 8 FIR दर्ज, भीड़ ने 15 फरवरी को DC-SP ऑफिस पर की थी तोड़फोड़

मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह ने 15 फरवरी को हुई हिंसा मामले में सदन को बताया कि इस मामले में 8 एफआईआर दर्ज कर ली हैं, जिनमें से 2 मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है. इस हिंसा में संलिप्त 20 लोगों की पहचान कर ली गई है.

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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह. (फाइल फोटो) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह. (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • इंफाल,
  • 02 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा सदन को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि हाल ही में चुराचांदपुर आगजनी की घटना के संबंध में आठ एफआईआर दर्ज की हैं, जिसमें से दो मामलों में आतंकवादियों की संलिप्तता का शक होने चलते जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिए हैं.

चुराचांदपुर घटना पर कांग्रेस विधायक कीशम मेघचंद्र सिंह द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए, CM बीरेन सिंह ने कहा कि मणिपुर सरकार ऐसी घटनाओं को फिर से न होने देने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. मामले की उचित जांच के लिए सरकार ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की है.अब तक आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल 20 लोगों की पहचान की गई है.  

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'घायल हुए 98 पुलिसकर्मी'

प्रश्नकाल के दौरान सीएम बीरेन सिंह ने हिंसा के दौरान राज्य बल की चोटों और मौतों के संबंध में विधायक रंजीत के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि नौ पुलिसकर्मियों की जान चली गई और 98 घायल हो गए. इस हिंसा में तीन केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान की भी जान चली गई, जबकि 68 जवान घायल हो गए. आठ पुलिसकर्मियों के परिवारों के लोगों को अनुग्रह राशि दी गई है और घायलों को मुआवजा राशि दी गई है. वहीं, एक मामले में अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया अभी बाकी है.

एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जिसमें पीडब्ल्यूडी मंत्री गोविंद दास कोंथौजम ने विधायक पाओलीन लाल हाओकिप पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया था. कांग्रेस विधायक के.मेघचंद्र ने पाओलियन लाल हाओकिप के खिलाफ बाद में की गई कार्रवाइयों पर सवाल उठाया.

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CM बीरेन सिंह ने इस संबंध में उल्लेख किया कि विधायक पाओलीनलाल हाओकिप ने भीड़ द्वारा हमला शुरू करने से पहले हेड कांस्टेबल के निलंबन के संबंध में 'एक्स' के माध्यम से चुराचांदपुर के लोगों के बीच गुस्सा भड़काया था. इसके बाद भीड़ ने चुराचांदपुर डीसी और एसपी कार्यालय पर हमला कर दिया.

'इस हिंसा में 43 नागरिक भी हुए घायल'

उन्होंने कहा कि जब भीड़ ने हमला करना शुरू किया तो घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उन्हें चेतावनी दी और उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज की और आंसू गैस के गोले दागे, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई.

इस घटना में केंद्रीय बल के एक जवान को गोली लगी थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट चलते वह बच गए. इसी घटना में राज्य के छह सुरक्षा कर्मियों को चोटें लगी और 43 नागरिक घायल हो गए थे. अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.

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